Image Slider

होमताजा खबरदेश…तो क्या सुवेंदु अधिकारी के शपथ-ग्रहण में शामिल होंगी ममता बनर्जी?

Last Updated:

ममता बनर्जी की पॉलिटिक्स हमेशा से बहुत इमोशनल और भारी रही है. उनकी आक्रामक स्टाइल से टीएमसी के कैडर में जोश रहता है. अब उनका हर कदम एक बड़ा राजनीतिक संदेश देगा. यह सिर्फ कोई साधारण प्रोटोकॉल बिलकुल नहीं है. अगर वह समारोह में जाती हैं तो यह मैच्योरिटी होगी.
उनका यह एक्शन बंगाल की सियासत में नया गेम सेट करेगा.

ख़बरें फटाफट

...तो क्या सुवेंदु अधिकारी के शपथ-ग्रहण में शामिल होंगी ममता बनर्जी?Zoom

भाजपा ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बहुमत हासिल कर टीएमसी के शासन का अंत कर दिया. (फाइल फोटो)

कोलकाता. तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सुप्रीमो ममता बनर्जी के सामने इस समय शायद उनके राजनीतिक जीवन का सबसे कठिन मोड़ खड़ा है. वर्षों तक पश्चिम बंगाल की सत्ता पर मजबूत पकड़ बनाए रखने वाली ममता बनर्जी अब विपक्ष की बेंच पर बैठने की स्थिति में हैं. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या वह सुवेंदु अधिकारी सरकार के शपथ-ग्रहण समारोह में शामिल होंगी?

राजनीतिक संकेत बताते हैं कि ममता के मन में हार को लेकर गहरा गुबार और कार्यकर्ताओं पर हुए हमलों, चुनावी माहौल तथा सत्ता परिवर्तन को लेकर नाराजगी मौजूद है. यही वजह है कि उनके शपथ समारोह में जाने को लेकर संशय बना हुआ है. तृणमूल कांग्रेस के भीतर भी दो राय दिखाई दे रही हैं. एक धड़ा मानता है कि लोकतंत्र में जनादेश का सम्मान करते हुए ममता को समारोह में शामिल होना चाहिए, ताकि वह ‘संघर्षरत लेकिन जिम्मेदार विपक्ष’ की छवि पेश कर सकें. वहीं दूसरा पक्ष इसे राजनीतिक आत्मसमर्पण जैसा संदेश मान रहा है.

ममता बनर्जी की राजनीति हमेशा भावनात्मक और आक्रामक शैली से जुड़ी रही है. ऐसे में उनका हर कदम सिर्फ प्रोटोकॉल नहीं, बल्कि बड़ा राजनीतिक संदेश माना जाएगा. यदि वह समारोह में जाती हैं, तो यह लोकतांत्रिक परिपक्वता का संकेत होगा. लेकिन अगर दूरी बनाती हैं, तो यह साफ संदेश होगा कि बंगाल की लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है.

टीएमसी के 15 साल के शासन का अंत
भाजपा ने 294 सदस्यीय पश्चिम बंगाल विधानसभा की 207 सीट जीतकर सदन में दो-तिहाई बहुमत हासिल कर लिया, जिससे राज्य में तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के शासन का अंत हो गया. ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को विधानसभा चुनाव में महज 80 सीट से संतोष करना पड़ा. हालांकि, ममता का कहना है कि उन्हें और उनकी पार्टी को ‘हेरफेर’ के जरिये हराया गया. उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से इनकार कर दिया है.

About the Author

authorimg

Rakesh Ranjan Kumar

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें

———-

🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।

 

Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||