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  • BJP West Bengal Election Results 2026 Update: Tamil Nadu Assam Kerala Puducherry TVK DMK Congress UDF | Mamata Banerjee Vijay Himanta Biswa
कोलकाता/चेन्नई/गुवाहाटी2 घंटे पहले

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पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के रिजल्ट सोमवार को आए। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरलम में सरकारें बदल गईं। असम और पुडुचेरी में एनडीए ने वापसी की।

बंगाल में TMC को हराकर भाजपा पहली बार सत्ता में आई। पार्टी दस साल में 3 सीटों से 207 सीटों पर पहुंच गई है।

तमिलनाडु में एक्टर थलपति विजय की पार्टी TVK ने सबसे ज्यादा सीटें लाकर चौंका दिया। 59 साल में पहली बार राज्य में ऐसी सरकार बनने जा रही है, जिसमें DMK या AIADMK नहीं होगी। दो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और एमके स्टालिन चुनाव हार गए।

बंगाल में 15 साल बाद ममता का राज खत्म

भाजपा का वोट शेयर 7.50% बढ़ा, TMC का इतना ही घटा

बंगाल में 12 मंत्री हारे, भाजपा का 70% स्ट्राइक रेट

  1. महिला को मिल सकती है कमान: बंगाल में भाजपा ने बिना चेहरे के चुनाव लड़ा, इसलिए अब बड़ा सवाल यह है कि कौन मुख्यमंत्री होगा। संभावित नामों में सुवेंदु अधिकारी, सुकांत मजूमदार, दिलीप घोष और समिक भट्टाचार्य का नाम सबसे आगे है। पार्टी किसी महिला चेहरे को भी ला सकती है।
  2. भाजपा का 70% स्ट्राइक रेट: बंगाल में भाजपा ने 293 में से 206 सीटें जीतकर करीब 70% का स्ट्राइक रेट हासिल किया। वहीं, TMC 81 सीटों पर सिमट गई और उसका स्ट्राइक रेट करीब 27.6% रहा।
  3. ममता समेत 22 मंत्री हारे: सीएम ममता समेत 35 मंत्रियों में से 22 चुनाव हार गए। ममता के पास होम मिनिस्ट्री समेत 7 महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी थी। महिला और बाल कल्याण मंत्री शशि पांजा, उदयन गुहा, ब्रत्य बसु, चंद्रिमा भट्टाचार्य, सुजीत बसु, सिद्दीकुल्लाह चौधरी, रथिन घोष, बेचाराम मन्ना, बिरबाहा हंसदा, मोलय घटक को हार का सामना करना पड़ा है।
  4. पहली बार राज्य और केंद्र में एक ही पार्टी की सरकार: 1972 के बाद पहली बार पश्चिम बंगाल में अब ऐसी पार्टी की सरकार होगी, जो केंद्र में भी सत्ता में है। 1972 में राज्य में कांग्रेस ने 216 सीटें जीतीं थीं और उस वक्त केंद्र में इंदिरा गांधी की सरकार थी। बांग्लादेश सीमा, घुसपैठ और प्रशासनिक नियंत्रण जैसे मुद्दों पर भी सख्ती हो सकती है। मोदी ने सोमवार को पार्टी मुख्यालय में इसका ऐलान भी किया।
  5. राज्य में नॉर्थ से साउथ तक BJP: साउथ बंगाल पहले TMC का मजबूत गढ़ था, यहां BJP ने सबसे ज्यादा 33 सीटें जीतीं। नॉर्थ 24 परगना में BJP ने 18 सीटें जीत लीं। TMC को यहां 15 सीटें मिलीं। पूर्वी मेदिनीपुर में BJP ने 16 और हुगली में 15 सीटें जीतीं। नॉर्थ बंगाल की 54 सीटों में BJP ने 27 सीटें जीतीं। मालदा में BJP को 8 और TMC को 4 सीटें मिलीं। जंगलमहल में भाजपा ने पुरुलिया की 9, बांकुरा की 11, पश्चिम मेदिनीपुर की 12 सीटें जीतीं। टीएमसी ने सबसे अधिक सीटें दक्षिणी बंगाल में जीतीं।
  6. सबसे छोटी और सबसे बड़ी जीत: बंगाल की राजारहाट न्यू टाउन सीट पर सबसे कम मार्जिन वाली जीत हुई। BJP के पीयूष कानोडिया ने TMC के तपश चटर्जी को 316 वोट से हराया है। माटीगाड़ा-नक्सलबाड़ी सीट पर जीत का मार्जिन सबसे बड़ा रहा। यहां BJP के आनंदमय बर्मन ने TMC के शंकर मलाकर को 1,04,265 वोट से हराया।

मोदी का 242 सीट पर प्रचार, 184 में भाजपा जीती

मोदी ने सोमवार शाम को भाजपा के दिल्ली मुख्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। वे बंगाली धोती-कुर्ता पहनकर पहुंचे।

मोदी ने सोमवार शाम को भाजपा के दिल्ली मुख्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। वे बंगाली धोती-कुर्ता पहनकर पहुंचे।

मोदी ने अपनी जनसभाओं और रोड-शो के जरिए बंगाल की 294 में से 242 सीटें कवर कीं। इनमें से 184 सीटों पर भाजपा की जीत हुई। भाजपा ने राज्य में 208 सीटें जीतीं। जिन सीटों पर मोदी ने सभा या रोड-शो किया, वहां पार्टी का स्ट्राइक रेट 76% रहा।

ममता भवानीपुर से चुनाव हारीं, सुवेंदु दोनों सीट पर जीते

SIR से अनुपात में मुस्लिम वोटर्स के नाम ज्यादा कटे

SIR के तहत बंगाल में वोटर लिस्ट से करीब 91 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए। भाजपा को 2.89 और TMC को 2.57 करोड़ वोट मिले। दोनों पार्टियों के बीच 31 लाख 84 वोटों का अंतर रहा।

SIR में 63% (लगभग 57.47 लाख) हिंदू और 34% (लगभग 31.1 लाख) मुस्लिमों के नाम कटे थे। सीधा मतलब है कि आबादी के अनुपात में मुस्लिम वोट ज्यादा कटे। जिन इलाकों में मुस्लिम वोटर निर्णायक हो सकते थे, वहां कमजोर हो गए। इसका फायदा भाजपा को हुआ।

भाजपा की स्ट्रैटजी, शाह 15 दिन बंगाल में रहे

  • शाह 15 दिन बंगाल में रहे। बंगाल में पहली बार ‘पन्ना प्रमुख’ स्ट्रैटजी पर काम किया। 44,000 से ज्यादा मतदान केंद्रों को ‘मजबूत’, ‘केंद्रित’ व ‘कमजोर’ श्रेणियों में बांटा।
  • हर पन्ना प्रमुख को 30-60 मतदाताओं की सीधी जिम्मेदारी दी। उनका कार्य प्रचार करना और यह सुनिश्चित करना था कि उनके आवंटित वोटर मतदान केंद्र पहुंचें।
  • टीएमसी की महिलाओं में ‘लक्ष्मी भंडार’ जैसी कल्याणकारी योजनाएं काफी लोकप्रिय हुईं। इसमें 1000-1200 रुपए दिए जा रहे थे। भाजपा सबके लिए 3 हजार रुपए की योजना लाई।
  • सुवेंदु अधिकारी और अमित शाह ने बार-बार मंचों से आश्वासन दिया कि भाजपा कोई मौजूदा योजना बंद नहीं करेगी, उनके लाभ और बढ़ाएगी।
  • राज्य के कर्मियों के लिए 7वें केंद्रीय वेतन आयोग को तुरंत लागू करने और सभी बकाया वेतन विसंगतियों को दूर करने का प्रमुख वादा किया।

घरों में बर्तन मांजने वाली भाजपा की कलिता 12 हजार वोटों से जीतीं

भाजपा प्रत्याशी कलिता माझी घरों में बर्तन मांजती थीं।

भाजपा प्रत्याशी कलिता माझी घरों में बर्तन मांजती थीं।

बंगाल की औशग्राम सीट से भाजपा प्रत्याशी कलिता माझी 12 हजार से ज्यादा (41%) वोटों से जीती हैं। वे दूसरों के घरों में बर्तन मांजने और साफ-सफाई का काम करती थीं। कलिता 2021 के विधानसभा चुनाव में भी भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ी थीं, लेकिन तब उन्हें करीब 12 हजार वोट से ही हार का सामना करना पड़ा था।

तमिलनाडु में 2 साल पुरानी TVK ने 50+ साल पुरानी DMK-AIADMK को हराया

एक्टर विजय की 2 साल पुरानी पार्टी TVK को 108 सीट पर जीत मिली है। ये DMK (59) और AIDMK (47) की कुल सीटों से ज्यादा है।

TVK का उत्तर-मध्य में दबदबा, 46% स्ट्राइक रेट

  • विजय की पार्टी TVK ने हर इलाके में सीटें जीतीं। सबसे अधिक दबदबा उत्तर और तटीय इलाकों में रहा। मध्य तमिलनाडु में भी उसे खूब सीटें मिलीं। DMK ने ज्यादातर सीटें दक्षिणी इलाकों में जीतीं। AIADMK को अधिकतर सीटें उत्तर-मध्य क्षेत्र में मिलीं।
  • TVK ने 234 में से 108 सीटें जीतकर 46% के साथ सबसे ज्यादा स्ट्राइक रेट हासिल किया। DMK ने 164 में 59 सीटें जीतकर 36% और AIADMK ने 170 में 47 सीटों के साथ 27.6% स्ट्राइक रेट दर्ज किया। कांग्रेस 28 में 5 सीटें जीतकर 17.8% पर रही। BJP का प्रदर्शन सबसे कमजोर रहा। पार्टी 27 सीटों पर लड़कर सिर्फ 1 सीट जीत सकी और उसका स्ट्राइक रेट मात्र 3.4% रहा।

सीएम स्टालिन 8795 वोट से हारे

59 साल बाद पहली बार गैर DMK-AIADMK सरकार

  • 1967 के बाद पहली बार तमिलनाडु में द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (DMK) और ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (AIADMK) के अलावा किसी तीसरी पार्टी की सरकार बनेगी।
  • सीएम स्टालिन समेत 34 मंत्रियों में से 15 मंत्री हार गए। इनमें मुख्य रूप से दुरईमुरुगन, सुब्रमण्यम, पीटीआर पलानिवेल थियाराजन, अनबिल महेश पोय्यामोझी शामिल हैं। हालांकि, स्टालिन के बेटे उदयनिधि ने जीत हासिल की है।

असम में तीसरी बार भाजपा सरकार

असम में भी हिमंता सरकार की वापसी हुई है। भाजपा लगातार तीसरी बार सरकार बनाएगी। BJP ने यहां अकेले ही 82 सीटें जीतीं, जो बहुमत के आंकड़े से 18 ज्यादा है। मौजूदा भाजपा सरकार का कोई भी मंत्री चुनाव नहीं हारा। ऐसा देश में पहली बार हुआ।

नई विधानसभा में 7 महिलाएं, भाजपा 92.1% स्ट्राइक रेट

  • अपर असम में भाजपा, लोअर इलाकों में कांग्रेस का असर: BJP ने अपर असम और बराक वैली में क्लीन स्वीप किया। पार्टी ने आधी से ज्यादा सीटें यहीं जीतीं। 3 ट्राइबल इलाकों, बोडोलैंड टेरिटोरियल एरिया (BTC), करबी आंगलोंग ऑटोनॉमस काउंसिल (KAAC) और नॉर्थ कछार हिल्स ऑटोनॉमस काउंसिल (NCHAC) में भी NDA का दबदबा रहा। यहां असम गण परिषद (AGP) और बोडोलैंड पीपल्स फ्रंट (BOPF) ने ज्यादा सीटें जीतीं। कांग्रेस सिर्फ लोअर असम में सिमट गई।
  • असम में BJP का सबसे ज्यादा 92.1% स्ट्राइक रेट: असम में 126 सीटों पर चुनाव हुआ। भाजपा ने 89 पर चुनाव लड़ा और 82 सीटें जीतीं। उसकी जीत का स्ट्राइक रेट सबसे ज्यादा 92.1% रहा। कांग्रेस 99 सीटों पर चुनाव लड़कर सिर्फ 19 सीटें जीत सकी। उसका स्ट्राइक रेट 21% रहा।
  • 7 महिलाएं जीतीं: कुल 126 सीटों पर 59 महिलाएं चुनाव लड़ी थीं। 7 ही चुनाव जीत पाईं। इनमें NDA की 6 और कांग्रेस की 1 महिला विधायक है। यह संख्या 2021 के बराबर है। 2011 में सबसे ज्यादा 14 महिलाएं विधायक बनी थीं।
  • असम में कांग्रेस के 18 कैंडिडेट जीते: असम में कांग्रेस के 20 मुस्लिम उम्मीदवारों में से 18 ने जीत दर्ज की। उसके सहयोगी रायजोर दल ने 2 सीटें जीतीं, जिनमें एक मुस्लिम उम्मीदवार की है।

सीएम सरमा जालुकबारी सीट से लगातार छठवीं बार जीते

केरलम में विजयन अपनी सीट पर जीते, लेकिन अब देश में कहीं लेफ्ट सरकार नहीं

केरलम में 10 साल बाद कांग्रेस सरकार की वापसी हुई है। इसके साथ ही अब देश में कहीं भी लेफ्ट सरकार नहीं बची है। ऐसा 5 दशकों में पहली बार हुआ है। हालांकि सीएम पिनाराई विजयन अपनी सीट धरमदम से जीत गए, लेकिन राज्य में LDF की करारी हुई।

केरलम में CM की रेस में 4 दावेदार

1. वीडी सतीशन पिछली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष थे। उन्हें LDF के सबसे बड़े सहयोगी IUML का भी समर्थन मिलता रहा है। 2001 से लगातार विधायक हैं।

2. केसी वेणुगोपाल फिलहाल लोकसभा में सांसद हैं। राहुल गांधी के करीबी और कांग्रेस के संगठन महासचिव हैं। मनमोहन सरकार में ऊर्जा और नागरिक उड्डयन मंत्री (राज्य) रह चुके हैं।

3. रमेश चेन्निथला केरलम चुनाव 2026 में कांग्रेस के चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष थे। 2016 से 2021 तक नेता प्रतिपक्ष रहे। 2014 से 2016 के बीच ओमन चांडी सरकार में गृह मंत्री रह चुके हैं।

4. सनी जोसेफ भी दौड़ में हैं। वे केरलम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) के अध्यक्ष हैं। उन्हें 8 मई 2025 को यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

केरलम में यूडीएफ की बड़ी जीत के बाद तिरुवनंतपुरम स्थित के पीसीसी मुख्यालय में यूडीएफ नेताओं ने जश्न मनाया।

केरलम में यूडीएफ की बड़ी जीत के बाद तिरुवनंतपुरम स्थित के पीसीसी मुख्यालय में यूडीएफ नेताओं ने जश्न मनाया।

केरलम में 13 मंत्री हारे, कांग्रेस का स्ट्राइक रेट 55.2%

  • 13 मंत्री चुनाव हारे: LDF की सरकार के 21 में से 13 मंत्री चुनाव हारे हैं। इनमें स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज, परिवहन मंत्री के बी गणेश कुमार, उद्योग मंत्री पी राजीव, उच्च शिक्षा मंत्री आर बिंदु, खेल मंत्री वी अब्दुरहीमान और देवस्वोम मंत्री वी एन वासवन शामिल हैं।
  • लेफ्ट का मध्य केरलम में दबदबा: उत्तर-दक्षिण केरलम में कांग्रेस का दबदबा रहा। कांग्रेस के बाद दूसरी सबसे बड़ी पार्टी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) ने मध्य केरलम में सबसे अधिक सीटें जीतीं। LDF की दो सबसे बड़ी पार्टियों CPI (M) और CPI ने सबसे अधिक सीटें मध्य केरलम में जीतीं।
  • कांग्रेस का स्ट्राइक रेट 55.2%: केरलम में कांग्रेस ने 114 में से 63 सीटें जीतकर 55.2% का सबसे ज्यादा स्ट्राइक रेट हासिल किया। CPI(M) ने 76 में 26 सीटें जीतकर 34.2% स्ट्राइक रेट दर्ज किया। भाजपा 94 सीटों पर चुनाव लड़कर सिर्फ 3 सीटें जीत सकी और 3.1% के साथ सबसे पीछे रही।
  • मुस्लिम विधायक: 35 मुस्लिम विधायक बने। 30 UDF से हैं, इनमें 8 कांग्रेस और 22 इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के हैं। 5 अन्य दल से हैं।

भाजपा के राजीव चंद्रशेखर 4978 वोटों से जीते

पुडुचेरी में रंगासामी पांचवीं बार सीएम बनेंगे

एन. रंगासामी 5वीं बार पुडुचेरी के सीएम बनेंगे। उनकी पार्टी AINRC ने 12 सीटें जीतीं। वो पहली बार 2001 में सीएम बने थे। उनकी सरकार के 2 मंत्रियों लक्ष्मीनारायणन और चंद्रा प्रियंगा को हार का सामना करना पड़ा है।

भाजपा को उत्तरी पुडुचेरी में 4 सीटें

सत्ताधारी पार्टी ऑल इंडिया एनएआर कांग्रेस (AINRC) ने अपनी ज्यादातर सीटें मध्य और दक्षिण पुडुचेरी में जीतीं। भाजपा को 4 सीटें उत्तरी इलाके में मिलीं। DMK ने 3 सीटें उत्तरी और 2 सीटें दक्षिण-पूर्वी इलाके में जीतीं। कांग्रेस को एकमात्र सीट मध्य पुडुचेरी में मिली।

AINRC का सबसे ज्यादा 75% स्ट्राइक रेट

पुडुचेरी में 30 सीटों पर चुनाव हुए। AINRC ने 16 में से 12 सीटें जीतकर 75% का सबसे ज्यादा स्ट्राइक रेट हासिल किया। भाजपा ने 10 में 4 सीटें जीतकर 40% के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। कांग्रेस 16 सीटों पर चुनाव लड़कर सिर्फ 1 सीट जीत सकी और उसका स्ट्राइक रेट मात्र 6% रहा।

बंगाल में 1.5% और केरलम में 6% महिलाओं ने ज्यादा वोट डाला

11 राज्यों में भाजपा बहुमत में, 11 राज्यों में सरकार में शामिल

चुनाव परिणाम के बाद 5 PHOTOS में नेताओं के रिएक्शन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बंगाल, असम, पुडुचेरी में एनडीए की जीत के बाद दिल्ली में भाजपा मुख्यालय पहुंचे। यहां 47 मिनट तक कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बंगाल, असम, पुडुचेरी में एनडीए की जीत के बाद दिल्ली में भाजपा मुख्यालय पहुंचे। यहां 47 मिनट तक कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।

बंगाल चुनाव के रुझानों में पिछड़ने के बाद ममता बनर्जी अपनी विधानसभा सीट भवानीपुर के काउंटिंग सेंटर पहुंचीं। कहा- ‘मुझे धक्का दिया और मारपीट की।’

बंगाल चुनाव के रुझानों में पिछड़ने के बाद ममता बनर्जी अपनी विधानसभा सीट भवानीपुर के काउंटिंग सेंटर पहुंचीं। कहा- ‘मुझे धक्का दिया और मारपीट की।’

तमिलनाडु में हार के बाद एमके स्टालिन नम आंखों के साथ पार्टी कार्यालय से रवाना हुए

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तमिलनाडु में एक्टर विजय ने जीत के बाद घर की बालकनी से समर्थकों का धन्यवाद किया।

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असम में तीसरी बार भाजपा सरकार बनने के बाद सीएम हिमंता बिस्वा सरमा डांस करते दिखे।

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