Image Slider

Last Updated:

उत्तर प्रदेश के आगरा से सटे मघटई गांव में विकास के दावे खोखले नजर आ रहे हैं. गांव की सड़कों की हालत बदहाल है और नालियां पूरी तरह चोक पड़ी हैं, जिससे गंदा पानी घरों में घुस रहा है. ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही. बारिश के समय हालात और भी खराब हो जाते हैं—बच्चे स्कूल नहीं जा पाते और बुजुर्ग गिरकर घायल हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अब भी चुप हैं.

आगरा. उत्तर प्रदेश के आगरा को स्मार्ट सिटी कहा जाता है, दूसरी तरफ आगरा के गांवों को भी विकसित किया जा रहा है. ऐसे में नेताओं के दावे है कि गांव गांव शहर कि तरह आधुनिक बनाये जा रहे है, लेकिन आज हम आपको एक ऐसे गांव के बारे में बताने जा रहे है, जो अपनी लाचारी, बेबसी के लिए आंसू बहा रहा है. ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधान के पास पैसा नहीं है कि वह सड़क तक बनवा सके, उनका कहना है कि पैसा नहीं है तो प्रधान बाकी काम कैसे कर रहा है सिर्फ यह सड़क ही क्यों नहीं बन रही. गांव के महिलाओं ने कहा कि नालियां पुरी तरह से चौक पड़ी हुई है, सफाई कर्मी कभी आती नहीं है जिस कारण गन्दा पानी घरों में घुस रहा है. ऐसे में तमाम दिक्क़त हो रही है. थोड़ी सी बरसात में पुरी सड़क पर दलदल हो जाता है बच्चे स्कुल नहीं जा पा रहे है. कई बार बुजुर्गो गिर कर घायल हो गए है लेकिन प्रधान के कानो में जूं तक नहीं रेंग रही है.

गांव कि सड़क और नाली बदहाली के बहा रही है आंसू
आगरा शहर से सटे गांव मघटई गांव के सड़के अपनी बदहाली के आंसू बहा रही है. ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधान कई सड़क बनवा चूका है लेकिन इस ट्रांसफार्मर वाली गली को छोड़ देता है. उन्होंने कहा कि समझ नहीं आता कि वर्तमान प्रधान उनके साथ ऐसा सौतेला व्यवहार क्यों कर रहा है शिकायत करते है तो कहता है कि पैसा नहीं है या बजट नहीं आया है. गांव की महिला इलायची देवी ने कहा कि जब से प्रधान बना है, तब से ना तो गली में स्थिति देखने आया और ना ही इसे बनवा रहा है. उन्होंने कहा कि नालियां पुरी तरह से चौक है. कभी कोई सफाई के लिए आता नहीं है घरों में गंदा पानी जा रहा है बीमारियों का डर सता रहा है. उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रधान उनके मोहल्ले के साथ सौतेला व्यवहार करता है.

बच्चे नहीं जा पाते स्कुल, बुजुर्ग हो चुके है घायल
आगरा शहर से सटे गांव मघटई गांव कि ट्रांसफार्मर वाले गली पिछले कई सालों से मरम्मत की मांग कर रही है. यहां कि सड़क चीख चीख कर अपने ईलाज के लिए बोल रही है. लेकिन ग्राम प्रधान के कानो में वह आवाज नहीं पहुंच रही है. स्थानीय ग्रामीणों ने कहा कि वह कई बार ब्लॉक प्रमुख, विधायक और अधिकारियो तक से शिकायत कर चुके है, लेकिन हर जगह से उन्हें सिर्फ और सिर्फ आश्वासन ही दिया जा रहा है. पिछले कई सालों से नेताओं और अधिकारियो के चक्कर काट काट कर चप्पल घिस गई, लेकिन ना तो सड़क बनी और ना ही नालियों को बनाया गया. उन्होंने कहा कि जब बच्चे स्कुल जाते है तो कई बार गिर जाते है, जिस कारण उनके कपड़े गंदे हो जाते है और वह स्कुल जाने से रह जाते है. बारिश में तो हालत यह होती है कि घरों में पानी घुस जाता है ऐसे में बच्चे क्या बड़े भी अपने काम धंधे पर नहीं जा पाते है. स्थानीय ग्रामीणों ने कहा कि कई बार बुजुर्ग गिर गए है जिससे उनके गंभीर चोट तक आ गई है, लेकिन प्रधान या कोई और उनकी कोई सुनवाई ही नहीं कर रहे हैं. जब से प्रधान बने है तब से अबरतक उनके पास बजट ही नहीं आया है लोगों ने कहा कि पता नहीं बजट जा कहां रहा है.

About the Author

authorimg

Monali Paulनमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें

———-

🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।

 

Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||