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टीवी इंडस्ट्री को अक्सर ग्लैमर, लोकप्रियता और सफलता के मंच के रूप में देखा जाता है, लेकिन पर्दे के पीछे की दुनिया कई बार उतनी आसान नहीं होती, जितनी दिखाई देती है. जहां दर्शक अपने पसंदीदा कलाकारों को रोज स्क्रीन पर देखते हैं, वहीं इन कलाकारों, खासकर नए चेहरों को आर्थिक अस्थिरता जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ता है.

नई दिल्ली. अभिनेत्री कुनिका सदानंद ने हाल ही में इसी संवेदनशील मुद्दे पर खुलकर बात करते हुए बताया कि छोटे और नए टीवी एक्टर्स के लिए सबसे बड़ी परेशानियों में से एक है समय पर पेमेंट न मिलना है. कुनिका के मुताबिक, इंडस्ट्री में भुगतान में देरी कोई अस्थायी या नई समस्या नहीं है, बल्कि यह लंबे समय से चली आ रही व्यवस्था का हिस्सा है. (फोटो साभार इंस्टाग्राम iam_kunickaasadanand)

उन्होंने कहा कि टीवी इंडस्ट्री में काम की रफ्तार भले तेज हो गई हो, लेकिन आर्थिक प्रक्रिया अब भी कई स्तर से होकर गुजरती है. आमतौर पर कलाकारों को अपनी मेहनत के पैसे के लिए 45 से 90 दिनों तक इंतजार करना पड़ता है. (फोटो साभार इंस्टाग्राम iam_kunickaasadanand)

उनके अनुसार, इसकी मुख्य वजह इंडस्ट्री का कॉर्पोरेट ढांचा है, जिसमें सबसे पहले विज्ञापनदाता चैनलों को भुगतान करते हैं, फिर चैनल प्रोड्यूसर्स को राशि जारी करते हैं और अंत में कलाकारों तक पैसा पहुंचता है. इस पूरी प्रक्रिया में होने वाली देरी का सबसे ज्यादा असर उन कलाकारों पर पड़ता है, जिनके पास आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार नहीं होता है. (फोटो साभार इंस्टाग्राम iam_kunickaasadanand)

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नए कलाकारों के लिए यह स्थिति और कठिन हो जाती है. करियर की शुरुआत में उन्हें काम पाने के लिए कई समझौते करने पड़ते हैं. फीस कम रखना, लंबे इंतजार के बावजूद काम जारी रखना और अनिश्चितता के बीच खुद को बनाए रखना ये सब उनके संघर्ष का हिस्सा बन जाता है. (फोटो साभार इंस्टाग्राम iam_kunickaasadanand)

कुनिका ने सुझाव दिया कि कलाकारों को अपनी फीस तय करते समय थोड़ा व्यावहारिक होना चाहिए और ऐसी राशि मांगनी चाहिए, जिससे भुगतान में देरी होने पर भी वे खुद को संभाल सकें. हालांकि उन्होंने यह भी माना कि ऐसा करना आसान नहीं है, क्योंकि ज्यादा फीस की मांग कई बार मौके छिनने की वजह बन सकती है. (फोटो साभार इंस्टाग्राम iam_kunickaasadanand)

उन्होंने ‘बफर सिस्टम’ की जरूरत पर भी जोर दिया. वो कहती हैं कि कलाकारों के पास इतना आर्थिक संतुलन हो कि देरी की स्थिति में उनका जीवन प्रभावित न हो. लेकिन सच्चाई यह है कि इंडस्ट्री में संघर्ष कर रहे अधिकांश नए कलाकारों के लिए ये संभव नहीं हो पाता. मुंबई जैसे शहर में रहना, ऑडिशन देना, नेटवर्क बनाना और रोजमर्रा के खर्च उठाना पहले ही चुनौतीपूर्ण होता है, ऐसे में पेमेंट में देरी उनके लिए मानसिक और आर्थिक दबाव दोनों बढ़ा देती है.(फोटो साभार इंस्टाग्राम iam_kunickaasadanand)

कुनिका ने बड़े प्रोडक्शन हाउस की सराहना करते हुए कहा कि जिन संस्थाओं के पास मजबूत रिजर्व फंड होता है, वहां समय पर भुगतान की संभावना अधिक रहती है. लेकिन छोटे बैनर और सीमित संसाधनों वाले सेटअप में यह समस्या ज्यादा दिखाई देती है.(फोटो साभार इंस्टाग्राम iam_kunickaasadanand)

यह मुद्दा सिर्फ व्यक्तिगत अनुभव नहीं, बल्कि पूरी इंडस्ट्री के ढांचे से जुड़ा सवाल है. इससे पहले भी कई कलाकार इस पर अपनी चिंता जाहिर कर चुके हैं, लेकिन कुनिका ने खासतौर पर उन नए चेहरों की बात की, जिनकी आवाज अक्सर दब जाती है. (फोटो साभार इंस्टाग्राम iam_kunickaasadanand)

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