Shri Krishna Janmabhoomi-Shahi Eidgah Case : मामले की सुनवाई के बीच सामने आया यह रिकॉर्ड अब अदालत में बहस का अहम आधार बन सकता है. आने वाले समय में इस पर दोनों पक्षों की दलीलें महत्वपूर्ण रहेंगी. इस पूरे घटनाक्रम को मामले की सुनवाई के बीच एक महत्वपूर्ण प्रगति के तौर पर देखा जा रहा है. अब यह दस्तावेज अदालत में बहस का एक अहम आधार बन सकता है.
जन्मभूमि-ईदगाह विवाद में रिकॉर्ड में मिली हिंदू प्रतिमाओं को हाईकोर्ट में बतौर साक्ष्य पेश करने की तैयारी.
राजकीय संग्रहालय की ओर से जारी पत्र संख्या 22/एस-जी-72/वि0/2026-27, दिनांक 24 अप्रैल 2026 के अनुसार, यह जानकारी अधिवक्ता के 22 अप्रैल 2026 को दिए गए प्रार्थना पत्र के जवाब में दी गई है. उपनिदेशक योगेश कुमार द्वारा जारी इस पत्र के साथ संबंधित मूर्तियों की विस्तृत डिटेल भी शामिल है. संग्रहालय के अभिलेख में विभिन्न कालखंडों की प्रतिमाओं का उल्लेख किया गया है. क्रमांक 3 में 40.2883 संख्या की “कार्तिकेय सहित अग्नि देव” प्रतिमा को कुषाण कालीन बताया गया है, जिसमें कार्तिकेय भाला धारण किए हुए अग्नि देव के साथ खड़े हैं और अग्नि देव अभय मुद्रा में दर्शाए गए हैं.
इसके अलावा क्रमांक 4 में 79.128 संख्या का द्वार-स्तंभ गुप्तकालीन बताया गया है, जिसका संबंध श्रीकृष्ण जन्म स्थान, मथुरा से जोड़ा गया है. इसमें वैष्णव मंदिर की द्वार शाखा के निचले हिस्से में देवी गंगा को मकर वाहन पर घट लिए हुए दर्शाया गया है.
अभिलेख में 54.3837 संख्या की विश्वरूप विष्णु प्रतिमा का भी उल्लेख है, जिसमें नरसिंह और वाराह सहित विभिन्न अवतारों के साथ विष्णु का विराट स्वरूप दर्शाया गया है. वहीं 54.3810 संख्या की नदी देवी प्रतिमा को भी गुप्तकालीन बताया गया है, जो त्रिभंग मुद्रा में है.
श्रीकृष्ण जन्मभूमि–शाही ईदगाह विवाद में हिंदू पक्ष के अधिवक्ता महेंद्र प्रताप सिंह ने बड़ा दावा करते हुए बताया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट में लंबित मामले के संदर्भ में मथुरा के राजकीय संग्रहालय को पत्र भेजकर यह जानकारी मांगी गई थी कि कटरा केशव देव (श्रीकृष्ण जन्मस्थान) क्षेत्र से कितनी और कौन-कौन सी प्रतिमाएं प्राप्त हुई थीं. इस पर संग्रहालय की ओर से आधिकारिक पत्र उपलब्ध कराया गया है, जिसमें वहां से मिली विभिन्न प्रतिमाओं का उल्लेख किया गया है.
वह बताते हैं कि इस अभिलेख में भगवान विष्णु के विराट रूप, नदी देवी, अग्नि देव सहित अन्य मूर्तियों का विवरण दर्ज है, जो कथित रूप से उसी स्थल से प्राप्त हुईं. उन्होंने कहा कि ये दस्तावेज उनके पक्ष के लिए महत्वपूर्ण साक्ष्य हैं और इन्हें अदालत में प्रस्तुत किया जाएगा. साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि ऐतिहासिक खुदाइयों और पुरानी रिपोर्टों, जिनमें सर्वे ऑफ इंडिया के शुरुआती अधिकारियों द्वारा कराए गए उत्खनन का जिक्र है, में भी इस स्थान को हिंदू मंदिर से जुड़ा बताया गया है.
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Sandeep Kumar | Senior Assistant Editor, News18 Hindi…
I currently serve as a Senior Assistant Editor at News18 Hindi, leading State & Local18 operations across Uttar Pradesh, Uttarakhand, Delhi, Himachal …और पढ़ें
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