फिल्मों की दुनिया में मिस्ट्री थ्रिलर और सस्पेंस का अपना ही एक अलग रोमांच है. और जब बात मलयालम सिनेमा की हो, तो सस्पेंस का लेवल और भी बढ़ जाता है. अगर आप ऐसी कहानियों के शौकीन हैं जो आपके दिमाग की कसरत करवा दें, तो ‘संभवम अध्यायम ओन्नु’ आपके लिए ही बनी है. यह फिल्म महज एक कहानी नहीं, बल्कि रहस्यों का एक ऐसा जाल है जिसमें आप एक बार उलझे, तो अंत तक बाहर नहीं निकल पाएंगे. बीच कहानी में मिलने वाला जोरदार झटका और रोंगटे खड़े कर देने वाला क्लाइमैक्स आपकी दिमाग की नसें हिला देगा.
नई दिल्ली. मलयालम सिनेमा हमेशा से अपनी बेहतरीन कहानी और चौंकाने वाले क्लाइमैक्स के लिए जाना जाता रहा है, लेकिन ‘संभवम अध्यायम ओन्नु’ एक अलग ही स्तर की मिस्ट्री पेश करती है. यह फिल्म एक साधारण सी लगने वाली घटना के जरिए एक ऐसे अंधेरे रास्ते पर लेती है, जहां हर मोड़ पर एक नया राज खुलता है. अगर आप भी ऐसी कहानियों के शौकीन हैं जो आपके दिमाग की कसरत करवा दें, तो मलयालम फिल्म संभवम अध्यायम ओन्नु आपके लिए ही बनी है.
अगर आप क्योंकि बीच कहानी में मिलने वाला जोरदार झटका और इसका रोंगटे खड़े कर देने वाला क्लाइमैक्स आपके दिमाग की नसें हिला देगा. यह एक ऐसी थ्रिलर है जिसे आप हफ्तों तक भुला नहीं पाएंगे. (फोटो साभार: IMDb)
संभवम अध्यायम ओन्नु फिल्म महज एक कहानी नहीं, बल्कि भावनाओं और रहस्यों का एक ऐसा जाल है जिसमें आप एक बार उलझ गए, तो अंत तक बाहर नहीं निकल पाएंगे. फिल्म की शुरुआत काफी दिलचस्प तरीके से होती है, जो तुरंत बांध लेती है. कहानी में उस रहस्यमयी जंगल और वहां से गायब होने वाले लोगों के किस्सों को बहुत ही सस्पेंस के साथ पेश किया गया है. (फोटो साभार: IMDb)
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इसे देखते हुए मन में लगातार उत्सुकता बनी रहती है कि आखिर उस घने जंगल के भीतर छिपा क्या है. इसकी कहानी एक पुलिस अफसर के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसकी पोस्टिंग नए जगह पर हुई है. वह अपनी प्रेंग्नेंट पत्नी को घर पर छोड़कर पुलिस स्टेशन जॉइनिंग के लिए जाता है. (फोटो साभार: IMDb)
तभी पता चलता है कि पास के ही रहस्यमयी जंगल में एक पुलिसवाला फंसा हुआ है और उसे बचाने के लिए तीन पुलिसवाले जंगल के अंदर चले जाते हैं. उस जंगल के बारे में कहा जाता है कि जो भी उसके अंदर गया है, वो कभी लौट नहीं पाया. जंगल के अंदर जाने के बाद उन पुलिसवालों में से दो की मौत हो जाती है और एक पुलिस अफसर टाइप लूप में फंस जाता है. यही फिल्म का टर्निंग पॉइंट है. (फोटो साभार: Instagram@obscura_entertainment)
फिल्म का आइडिया बेहतरीन है, जो एक शानदार थ्रिलर का वादा करता है. खास बात है कि एक घंटे बाद पूरी तरह पलट जाती है और फिर सस्पेंस को लेवल 100 गुना बढ़ जाता है. देखा जाए तो यह फिल्म दिखाती है कि मलयालम सिनेमा में जंगलों और प्रकृति से जुड़ी कहानियों को एक्सप्लोर करने की कितनी जबरदस्त गुंजाइश है. (फोटो साभार: Instagram@obscura_entertainment)
खास बात है कि मलयालम फिल्म संभवम अध्यायम ओन्नु टाइम ट्रैवल और टाइम लूप जैसे विषयों की उन संभावनाओं की ओर भी इशारा करती है, जिन पर फिलहाल बहुत कम काम हुआ. मगर यहां मामला उल्टा है. इस फिल्म का दमदार क्लाइमैक्स आपको सोचने पर मजबूर कर देगा. (फोटो साभार: Instagram@obscura_entertainment)
अगर आप फिल्म संभवम अध्यायम ओन्नु देखने का मन बना रहे हैं, तो इसका लुत्फ आप जियो हॉटस्टार पर हिंदी भाषा में उठा सकते हैं. इसकी आईएमडीबी रेटिंग 7.3 है. जीतू सतीशन मंगलथु ने इसे लिखा और डायरेक्ट किया है. इसमें नीतू कृष्णा, सिद्धार्थ भारतन और असकर अली जैसे सितारों ने काम किया है. (फोटो साभार: Instagram@obscura_entertainment)
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