- शपथ नहीं संकल्प है पुलिस सेवा, जनता का विश्वास सबसे बड़ी ताकत: जे. रविन्दर गौड़
- नौ माह के कठिन प्रशिक्षण के बाद पुलिस सेवा में शामिल हुए युवा आरक्षी, परेड ग्राउंड में दिखा अनुशासन और जोश
- पुलिस आयुक्त जे. रविन्दर गौड ने ली सलामी, मुख्यमंत्री व डीजीपी ने वर्चुअल संबोधन से बढ़ाया उत्साह
- उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षु सम्मानित, आधुनिक पुलिसिंग और संवेदनशील सेवा का दिया संदेश
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। रिजर्व पुलिस लाइन्स, कमिश्नरेट गाजियाबाद के परेड ग्राउंड में रविवार को आयोजित प्रशिक्षु आरक्षियों की दीक्षांत परेड अनुशासन, समर्पण और नई ऊर्जा का प्रतीक बनकर सामने आई। नौ माह के कठोर आधारभूत प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद कुल 582 प्रशिक्षु आरक्षियों ने औपचारिक रूप से पुलिस सेवा में प्रवेश किया। परेड मैदान देशभक्ति, गर्व और उत्साह के वातावरण से सराबोर रहा, जहां जवानों के कदमताल ने पुलिस बल की बढ़ती ताकत का संदेश दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस आयुक्त जे. रविन्दर गौड रहे, जिन्होंने परेड की सलामी ली और प्रशिक्षु आरक्षियों का निरीक्षण किया। गरिमामय समारोह में प्रशिक्षुओं ने उत्कृष्ट परेड कौशल, अनुशासन और प्रशिक्षण के दौरान अर्जित दक्षताओं का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। परेड में कुल 10 प्लाटून ने भाग लिया, जिनका नेतृत्व प्रथम परेड कमाण्डर रिक्रूट आरक्षी अर्जुन सिंह तोमर, द्वितीय कमाण्डर कुशल चौधरी तथा तृतीय कमाण्डर उमंग प्रताप ने किया। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस आयुक्त मुख्यालय एवं अपराध केशव कुमार चौधरी, डीसीपी सिटी धवल जायसवाल मौजूद रहे। दीक्षांत समारोह के दौरान उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री तथा पुलिस महानिदेशक द्वारा वर्चुअल माध्यम से प्रशिक्षुओं को संबोधित किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथिगण, प्रशिक्षु आरक्षियों के परिवारजन और पुलिस कमिश्नरेट के अधिकारी-कर्मचारियों ने संबोधन को गंभीरता से सुना। संबोधन में नई पीढ़ी के पुलिसकर्मियों से कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने, जनता के प्रति संवेदनशीलता बनाए रखने और आधुनिक चुनौतियों से निपटने की अपेक्षा व्यक्त की गई। नौ माह तक चले प्रशिक्षण के दौरान आरक्षियों को कानून व्यवस्था प्रबंधन, अपराध नियंत्रण एवं जांच प्रक्रिया, सामुदायिक पुलिसिंग, जनता से संवाद कौशल, शारीरिक दक्षता, हथियार संचालन, सुरक्षा उपायों तथा साइबर अपराध नियंत्रण जैसे आधुनिक विषयों पर व्यापक प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल शारीरिक क्षमता विकसित करना नहीं बल्कि मानसिक दृढ़ता, निर्णय क्षमता और सेवा भावना को मजबूत करना भी रहा। पुलिस आयुक्त जे. रविन्दर गौड ने कहा कि दीक्षांत परेड प्रशिक्षण की समाप्ति नहीं बल्कि जिम्मेदारी भरी नई यात्रा की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि अब ये युवा आरक्षी समाज के रक्षक और न्याय व्यवस्था के प्रहरी के रूप में कार्य करेंगे। उन्होंने ईमानदारी, निष्पक्षता, संवेदनशीलता और जनसहयोग को पुलिस सेवा की मूल आत्मा बताते हुए कहा कि जनता का विश्वास ही पुलिस की सबसे बड़ी ताकत है।
उन्होंने प्रशिक्षुओं को प्रेरित करते हुए कहा कि आज ली गई शपथ केवल औपचारिकता नहीं बल्कि जीवनभर निभाए जाने वाला संकल्प है। बदलते समय में अपराध भी तकनीकी रूप से विकसित हो रहे हैं, इसलिए आधुनिक तकनीक और ज्ञान का उपयोग करते हुए अपराध नियंत्रण करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने भरोसा जताया कि गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट को मिले ये नए जवान कानून व्यवस्था को और मजबूत करेंगे। समारोह के दौरान अंत: कक्षीय एवं बाह्य कक्षीय प्रशिक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं को सम्मानित किया गया। हरवीर सिंह, योगेश्वर शर्मा, कौशल यादव, अवधेश कुमार, अजीत कुमार, अंशु कुमार, अंशुल यादव और नरेन्द्र ने अंत: कक्षीय प्रशिक्षण में अपने-अपने समूहों में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया। वहीं बाह्य कक्षीय प्रशिक्षण में रवि, दीपक नरवार, अर्जुन सिंह, सुमित चौधरी, रजत चौधरी, ललित कुमार, अजय कुमार, अवनीश कुमार, विकास कुमार और आकाश कुमार ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सम्मान हासिल किया।
सम्पूर्ण योग में अंत: कक्षीय प्रशिक्षण में अरविंद कुमार तथा बाह्य कक्षीय प्रशिक्षण में दीपक नरवार को सर्वोच्च स्थान मिला, जबकि मंयक राजपूत को सर्वांग सर्वोत्तम प्रशिक्षु घोषित किया गया। परेड संचालन में उत्कृष्ट नेतृत्व के लिए अर्जुन सिंह तोमर, कुशल चौधरी और उमंग प्रताप को विशेष सम्मान प्रदान किया गया। प्रशिक्षण व्यवस्था को सफल बनाने में सहयोग देने वाले आरटीसी प्रभारी महावीर सिंह, इन्डोर प्रभारी देवेन्द्र सिंह, प्रतिसार निरीक्षक चन्द्रभान सिंह और धर्मेन्द्र सिंह को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान पुलिस बैंड की मधुर धुनों ने पूरे वातावरण को ऊर्जा और उत्साह से भर दिया। प्रशिक्षुओं के परिवारजनों के चेहरों पर गर्व और खुशी साफ दिखाई दे रही थी। कई अभिभावकों ने इसे अपने जीवन का सबसे गौरवपूर्ण क्षण बताया। कमिश्नरेट गाजियाबाद ने सभी नव नियुक्त आरक्षियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह दीक्षांत परेड उनके जीवन का नया अध्याय है। अब वे समाज की सुरक्षा, कानून व्यवस्था की मजबूती और जनता की सेवा के लिए पूर्ण रूप से तैयार हैं।
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