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धीरेंद्र मिश्र
गाजियाबाद। ईस्टर्न ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर (ईओआरसी) गाजियाबाद के 12 गांवों से होकर गुजरेगी। औद्योगिक दृष्टि से भी अहम इस कॉरिडोर की विजिबिलिटी स्टडी रिपोर्ट के मुताबिक, इससे अगले पांच वर्षों में गाजियाबाद में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था तेजी से बदलने वाली है। दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते यातायात दबाव को कम करने में यह परियोजना मील का पत्थर साबित होगी।
इस परियोजना पर काम कर रहे हरियाणा रेल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट काॅरपोरेशन लिमिटेड ने विजिबिलिटी स्टडी रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 17 हजार करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह 135 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर दिल्ली-एनसीआर के चारों ओर रिंग रेल नेटवर्क के रूप में विकसित होगा।
गाजियाबाद में यह कॉरिडोर 25.42 किलोमीटर लंबा होगा और 12 गांवों रेवड़ी रेवड़ा, सैंथली, भिक्कनपुर, मुरादनगर, दुहाई, डासना, कनौजा, पिपलेड़ा, भूड़गढ़ी, रघुनाथपुर, सुखानपुर और इनायतपुर से होकर गुजरेगा। जिले में इसके तीन स्टेशन न्यू डासना रोड, सुखानपुर और मनौली प्रस्तावित हैं।
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) के सचिव विवेक कुमार मिश्र के अनुसार, गाजियाबाद में यह कॉरिडोर के बाहरी हिस्से से विकसित किया जाएगा। दुहाई के पास यह को भी क्रॉस करेगा। इससे कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।
परियोजना के तहत हिंडन और यमुना नदियों पर पुल बनाए जाएंगे। फुलेरा गांव के पास हिंडन नदी पर करीब 500 मीटर लंबा पुल प्रस्तावित है। मवीकला और सहजानपुर के पास भी यमुना नदी को पार किया जाएगा।
औद्योगिक दृष्टि से यह कॉरिडोर अहम माना जा रहा है। निवाड़ी में प्रस्तावित औद्योगिक सिटी में बनने वाले उत्पाद इन स्टेशनों के जरिये सीधे दिल्ली-एनसीआर तक पहुंचाए जा सकेंगे। इससे उद्योगों को बड़ी राहत मिलेगी।
परियोजना पर एक नजर
कुल लंबाई: 135 किमी
स्टेशन: 15
लागत: 17,000 करोड़ रुपये
कहां कितनी लंबाई
गौतमबुद्धनगर: 41.8 किमी
फरीदाबाद-पलवल: 26.87 किमी
गाजियाबाद: 25.42 किमी
सोनीपत: 21.36 किमी
बागपत: 20.17 किमी
यह होगा रूट
इस परियोजना के अंतर्गत यूपी में 88 किमी और हरियाणा में 48 किमी डबल लाइन रेल ट्रैक बनेगा। यह रिंग रेल नेटवर्क से शुरू होकर कुंडली, बागपत, गाजियाबाद, हापुड़, गौतमबुद्धनगर होते हुए तक जाएगा।
नौ जगहों पर रेलवे ट्रैक और डीएफसी को जोड़ेगा
यह कॉरिडोर नौ स्थानों पर डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) और रेलवे ट्रैक से जुड़ेगा। साथ ही तीन जगह (एक गाजियाबाद के दुहाई व दो हरियाणा में) आरआरटीएस को क्रॉस करेगा। पूरे कॉरिडोर में परियोजना 10 स्थानों पर राष्ट्रीय राजमार्ग और एक्सप्रेसवे को भी पार करेगी।
जेवर एयरपोर्ट से जुड़ेगा
रिपोर्ट के अनुसार, ईओआरसी से भी कनेक्ट होगा। यह रूंधी से चोला के बीच प्रस्तावित रेलखंड से जुड़कर गाजियाबाद के उद्योगों को सीधा एयरपोर्ट से जोड़ेगा। गाजियाबाद इंडस्ट्रीज फेडरेशन के अध्यक्ष अरुण शर्मा के मुताबिक, जिले के करीब पांच हजार उद्योगों को इससे फायदा होगा, क्योंकि निर्यात उत्पाद सीधे एयरपोर्ट तक पहुंच सकेंगे।
ईओआरसी की फिजिबिलिटी स्टडी रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। उम्मीद है कि जल्द ही इस योजना को गति देने के लिए अगला कदम उठाया जाएगा।
– नंद किशोर कलाल, वीसी जीडीए
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