लेकिन क्या आप जानते हैं कि बॉलीवुड में दो सुपरहिट गाने ऐसे हैं जिनके बोल तो एक जैसे हैं, लेकिन उनकी धुनें जमीन-आसमान जितनी अलग हैं? दिलचस्प बात यह है कि दोनों गाने बॉलीवुड के ‘भाईजान’ सलमान खान पर फिल्माए गए थे. ‘हर दिल जो प्यार करेगा’ की मस्ती और ‘तेरे नाम’ का दिल को छू लेने वाला सुकून… दोनों ही गाने में ‘तुमसे मिलना, बातें करना’ सुनाई देती है. आज हम आपको इन्हीं 2 अनोखे और सुपरहिट गानों के बारे में बताने जा रहे हैं.
नई दिल्ली. बॉलीवुड फिल्मों में गाने कहानियों से कम जरूरी नहीं होते. लेकिन कभी-कभी, लिरिसिस्ट और कंपोजर मिलकर कुछ ऐसा बना देते हैं जो दशकों बाद केस स्टडी बन जाता है. हम दो ऐसे गानों की बात कर रहे हैं जिनके बोल तो एक ही कलम से निकले, लेकिन उनकी आत्मा (धुन) दो अलग-अलग कंपोजर ने डाली.
‘तुमसे मिलना, बातें करना…’ ये लाइनें सुनते ही कौन सा गाना याद आता है? अगर आप 90 के दशक के आखिर और 2000 के दशक की शुरुआत के सिनेमा के शौकीन हैं, तो आप जरूर कन्फ्यूज हो जाएंगे, क्योंकि ये लिरिक्स दो अलग-अलग ब्लॉकबस्टर फिल्मों के हैं.
कंपोजर अनु मलिक ने 2000 की फिल्म ‘हर दिल जो प्यार करेगा’ के लिए एक गाना बनाया था, जिसके लिरिक्स लिरिसिस्ट समीर ने लिखे थे. यह गाना एक प्योर फील-गुड रोमांटिक ट्रैक था. सोनू निगम और अलका याग्निक का गाया हुआ, यह मेलोडी सिंपल और उस जमाने के पॉप म्यूजिक से इंस्पायर्ड थी.
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इसमें सलमान खान और प्रीति जिंटा के बीच मीठी नोकझोंक और खिलते प्यार को दिखाया गया है. इसके लिरिक्स हैं, ‘तुमसे मिलना, बातें करना अच्छा लगता है, हम तो पागल हो जायेंगे, ऐसा लगता है…’ यह गाना उस समय चार्टबस्टर साबित हुआ था और आज भी शादियों और पार्टियों में बजाया जाता है.
ठीक तीन साल बाद, 2003 में फिल्म ‘तेरे नाम’ रिलीज हुई, जिसने सलमान खान के करियर को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया. इस फिल्म का म्यूजिक हिमेश रेशमिया ने बनाया था और इत्तेफाक से यहां लिरिसिस्ट समीर थे. ‘तेरे नाम’ का गाना ‘तुमसे मिलना बातें करना, बड़ा अच्छा लगता है, क्या है ये क्यो है ये क्या खबर हां मगर जो भी है…’ अनु मलिक के म्यूजिक से बिल्कुल अलग था.
हिमेश रेशमिया ने इसे सूफियाना फील और बहुत धीमी, दिल को छूने वाली धुन दी थी. यहां भी उदित नारायण और अलका याग्निक की वही जोड़ी इस्तेमाल की गई थी, लेकिन गाने का स्टाइल बिल्कुल अलग था. सलमान खान का कैरेक्टर (राधे) यहां पूरी तरह सीरियस था. इस गाने ने प्यार के उस पैशन और शांति को दिखाया जो इंसान को अंदर से बदल देता है. इसकी मेलोडी में एक भारीपन था जो सीधे रूह तक पहुंचता था.
कहा जाता है कि लिरिसिस्ट समीर ने दोनों गानों में एक ही कोरस का इस्तेमाल किया. वहीं, ‘हर दिल जो प्यार करेगा’ में लिरिक्स ‘कैजुअल’ प्यार को दिखाते हैं, जबकि ‘तेरे नाम’ में समीर ने इन्हीं शब्दों को ‘प्रार्थना’ के तौर पर इस्तेमाल किया. बॉलीवुड के इतिहास में ऐसा बहुत कम होता है कि एक ही लिरिसिस्ट ने दो अलग-अलग फिल्मों के लिए, दो अलग-अलग कंपोजर्स के लिए अपने लिरिक्स दिए हों और दोनों गाने सुपरहिट हो गए हों.
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