पूरी फीस लेकर कोचिंग क्लास बीच में बंद करने के मामले में उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने फिटजी इंस्टीट्यूट पर 84,980 रुपये का अर्थदंड लगाया है। इंस्टीट्यूट को 45 दिन के भीतर परिवादी को यह रकम देनी होगी। साथ ही परिवाद दायर करने के तिथि से अंतिम अदायगी तक छह फीसदी वार्षिक ब्याज और पढ़ाई के नुकसान व मानसिक क्षति के लिए 10 हजार रुपये भी देने होंगे।
राकेश मार्ग स्थित गुलमोहर एन्क्लेव निवासी अरविंद दोहरे ने आयोग में इंस्टीट्यूट के खिलाफ परिवाद दायर किया था। उसमें बताया कि दो फरवरी 2023 को बेटे तन्यम के लिए आईआईटी व जेईई की तैयारी के लिए 36 महीने के कोचिंग प्रोग्राम का करार किया था। इसकी कुल फीस 4,29,350 रुपये थी। इसमें से 3,91,590 रुपये का भुगतान कर दिया गया था। परिवादी ने आरोप लगाया कि इसके बावजूद इंस्टीट्यूट ने जनवरी 2025 तक 21 महीने ही सर्विस दी।
इसके बाद क्लास नहीं चलने से बेटे को मानसिक क्षति पहुंची। उसे ट्रामा के दौर से गुजरना पड़ा। आयोग से मांग की गई कि विपक्षी से 1,41,136 रुपये अग्रिम भुगतान की तारीख से 12 फीसदी ब्याज के साथ और बेटे को हुई मानसिक क्षति व पढ़ाई के नुकसान के लिए दो लाख रुपये मुआवजा दिलाया जाए। आयोग के अध्यक्ष अनिल कुमार पुंडीर, सदस्य शैलजा सचान व आरपी सिंह ने प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर माना कि इंस्टीट्यूट ने करार का उल्लंघन किया है, इसलिए उसे नुकसान की भरपाई करनी होगी।
गाजियाबाद और नोएडा में अभिभावक कर चुके हंगामा : फिटजी इंस्टीट्यूट के खिलाफ पिछले साल कई बार अभिभावक हंगामा कर चुके हैं। उन्होंने भी इंस्टीट्यूट पर पैसे लेने के बाद भी क्लास नहीं चलाने का आरोप लगाया था। नोएडा, गाजियाबाद और दिल्ली में इंस्टीट्यूट के खिलाफ कई मामले चल रहे हैं।
- व्हाट्स एप के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- टेलीग्राम के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- हमें फ़ेसबुक पर फॉलो करें।
- हमें ट्विटर पर फॉलो करें।
———-
🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।
Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||



