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-नदी में कचरा और पूजन सामग्री न डालें, स्वच्छता में जनभागीदारी जरूरी: नगर आयुक्त
-पहली बार इतने बड़े स्तर पर कार्रवाई, सिटी फॉरेस्ट से इंदिरापुरम तक सफाई अभियान तेज
-नदी का रुका प्रवाह होगा बहाल, ऑक्सीजन स्तर बढ़ाने पर विशेष फोकस

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। लंबे समय से प्रदूषण और जलकुंभी की समस्या से जूझ रही हिंडन नदी को अब नई पहचान दिलाने की दिशा में नगर निगम ने बड़ा कदम उठाया है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के निर्देश पर गाजियाबाद नगर निगम के जलकल विभाग द्वारा हिंडन नदी की सफाई के लिए व्यापक अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान के तहत सिटी फॉरेस्ट से लेकर इंदिरापुरम स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग-9 तक करीब 9 किलोमीटर के क्षेत्र में विशेष रूप से सफाई कार्य कराया जा रहा है। नगर निगम द्वारा पहली बार इतने बड़े स्तर पर इस प्रकार का अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें आधुनिक मशीनों की मदद से नदी में फैली जलकुंभी और अन्य खरपतवार को हटाया जा रहा है। जलकुंभी की अत्यधिक मात्रा के कारण नदी का जल प्रवाह बाधित हो रहा था और पानी में ऑक्सीजन की कमी हो रही थी, जिससे जलीय जीवों के लिए संकट उत्पन्न हो गया था। इस अभियान के माध्यम से न केवल जलकुंभी को हटाया जा रहा है, बल्कि नदी की प्राकृतिक संरचना और स्वच्छता को भी बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है।

नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया कि यह अभियान गाजियाबाद नगर निगम की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य हिंडन नदी को स्वच्छ और सुंदर बनाना है। उन्होंने कहा कि नदी में पूजन सामग्री या अन्य किसी भी प्रकार का विसर्जन पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है। इसके साथ ही नदी के किनारों पर भी विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है, ताकि आसपास का वातावरण भी स्वच्छ और सुरक्षित बना रहे। इस अभियान का संचालन महाप्रबंधक जल कामाख्या प्रसाद आनंद के नेतृत्व में किया जा रहा है। विशेष उपकरणों और यंत्रों की सहायता से जलकुंभी हटाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। नगर निगम का लक्ष्य है कि निगम सीमा के अंतर्गत आने वाले पूरे 9 किलोमीटर क्षेत्र को पूरी तरह जलकुंभी मुक्त बनाया जाए, जिससे नदी के जल में ऑक्सीजन स्तर में सुधार हो और पर्यावरणीय संतुलन कायम रह सके।

नगर निगम के इस प्रयास में विभिन्न सामाजिक संस्थाएं भी सक्रिय रूप से जुड़ रही हैं और स्वच्छता अभियान को सफल बनाने में सहयोग कर रही हैं। जलकल विभाग और स्वास्थ्य विभाग संयुक्त रूप से इस अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं, जबकि वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा लगातार इसकी निगरानी की जा रही है। अभियान को पहले चरण में तीन माह तक निरंतर चलाने की योजना बनाई गई है। इसके साथ ही नगर निगम द्वारा आम नागरिकों को भी जागरूक करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। लोगों से अपील की जा रही है कि वे नदी में कचरा या धार्मिक सामग्री न डालें और स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करें। यह अभियान न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि शहर के नागरिकों के लिए भी एक सकारात्मक संदेश है कि सामूहिक प्रयासों से प्राकृतिक संसाधनों को संरक्षित किया जा सकता है। यदि यह पहल निरंतर जारी रही, तो आने वाले समय में हिंडन नदी एक बार फिर स्वच्छ, जीवंत और आकर्षक रूप में नजर आ सकती है।

विक्रमादित्य सिंह मलिक
नगर आयुक्त

हिंडन नदी की स्वच्छता नगर निगम की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। पहली बार इतने बड़े स्तर पर सिटी फॉरेस्ट से इंदिरापुरम राष्ट्रीय राजमार्ग-9 तक व्यापक अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें जलकुंभी और अन्य खरपतवार को हटाकर नदी के प्राकृतिक प्रवाह को बहाल किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य न केवल नदी को स्वच्छ बनाना है, बल्कि जल में ऑक्सीजन स्तर को बढ़ाकर पर्यावरणीय संतुलन को भी मजबूत करना है। नागरिकों से अपील है कि वे नदी में कचरा या पूजन सामग्री का विसर्जन न करें और स्वच्छता बनाए रखने में सक्रिय सहयोग करें, ताकि यह अभियान सफल हो सके और हिंडन नदी को स्थायी रूप से स्वच्छ और जीवंत बनाया जा सके।
विक्रमादित्य सिंह मलिक
नगर आयुक्त

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