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साहिबाबाद (गाजियाबाद)। सबको माफ करते हुए और सबसे माफी मांगते हुए सो जाओ…ठीक है..। यह शब्द साहिबाबाद स्थित मोहन नगर में संचालित ब्रह्मकुमारी केंद्र के प्रभु मिलन भवन की प्रभारी लवली दीदी ने कोमा में चल रहे हरीश से कहते हुए अंतिम विदाई थी। सुप्रीम कोर्ट से इच्छा मृत्यु की स्वीकृति के बाद 13 मार्च को बीके लवली दीदी राजनगर एक्सटेंशन की राज अंपायर सोसायटी स्थित हरीश के घर पहुंची थीं। यहां उन्होंने हरीश को अंतिम विदाई दी।

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13 वर्षों से जिंदगी की उम्मीद में दुख झेल रहे हरीश को इच्छा मृत्यु की प्रक्रिया के लिए एम्स ले जाने से पहले बीके लवली दीदी उनके घर पहुंचीं। यहां उन्होंने सबसे पहले हरीश के माथे पर चंदन का तिलक लगाया। इसके बाद जीवन की डोर छूटने के इन अंतिम पलों में आत्मशांति के लिए मेडिटेशन किया। अंतिम विदाई में उन्होंने हरीश से कहा कि सबको माफ करते हुए व सभी से माफी मांगते हुए जीवन की अंतिम यात्रा पूरी करो। बीके लवली दीदी ने बताया कि हरीश का परिवार पिछले कई वर्षों से ब्रह्मकुमारी केंद्र से जुड़ा है। बीमारी के दौरान भी वह हरीश से मिलने जाती रहती थीं। इच्छा मृत्यु का पता चलने के बाद वह अंतिम बार उनसे मिलकर विदाई देने गई थीं। इस दौरान उन्होंने हरीश के माता-पिता को भी ढांढस बंधाया।

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