पपीते की खेती किसानों के लिए लाभदायक मानी जाती है, लेकिन कई बार पौधा बड़ा होने के बाद भी उसमें फल नहीं लगते. ऐसे में गोबर की सड़ी खाद, सरसों की खली, वर्मी कम्पोस्ट और एप्सम सॉल्ट जैसे आसान देसी उपाय अपनाकर पौधों की पोषण जरूरत पूरी की जा सकती है, जिससे पपीते के पौधे हरे-भरे रहते हैं और उनमें फूल व फल आने की संभावना बढ़ जाती है.
पपीते की फसल किसानों के लिए काफी लाभदायक होती है, क्योंकि बाजार में पपीते की मांग पूरे साल बनी रहती है, जिससे किसानों को अच्छी आमदनी हो होती है. लेकिन कई बार ऐसा होता है कि पपीते का पौधा तेजी से बढ़ता है, पेड़ भी बड़ा हो जाता है, फिर भी उस पर फल नहीं लगते. ऐसे में किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ता है. इस समस्या के कई कारण हो सकते हैं, जैसे पोषक तत्वों की कमी या सही देखभाल का न होना ऐसे में कुछ देसी उपाय है, जिनका उपयोग कर पपीते के पौधों में फूल और फल आने की संभावना बढ़ जाती है.
जिला कृषि रक्षा अधिकारी विजय कुमार ने बताया पपीता एक ऐसा फल है. जिसकी खेती किसान से लेकर लोग अपने घर व गार्डन में भी लगाते हैं. इस खेती से अच्छी आमदनी भी होती है. पपीता की खेती तो अच्छी होती है लेकिन इसके फल वह पौधे में कीड़े लग जाते हैं जिससे किसानों को नुकसान भी होता है. वहीं किसान अगर पपीता के पौधों में इन चीजों का उपयोग करके अच्छी पैदावार ले सकते हैं.
वैसे पौधे को हरा-भरा और फलदार बनाने के लिए गोबर की सड़ी खाद का उपयोग कर सकते है, क्योंकि गोबर की खाद पोषक तत्वों से भरपूर होती है. इससे न सिर्फ बड़े पैमाने पर फल आएंगे, बल्कि इसके उपयोग से पेड़ की जड़ें भी मजबूत होंगी.
Add News18 as
Preferred Source on Google
इस खाद का प्रयोग सप्ताह में तीन बार करें, इससे न केवल पौधे की पोषण संबंधी ज़रूरतें पूरी होंगी, बल्कि फल जल्दी और बड़े आकार में विकसित होंगे. नियमित उपयोग से पौधा हरा-भरा, रोगमुक्त और अधिक फल देने वाला बनता है.
वहीं सरसों की खली पपीते के पौधे के लिए एक बेहतरीन टॉनिक है, इसमें भरपूर मात्रा में नाइट्रोजन होती है, जो पौधे की हरियाली बढ़ाती है और फूल-फल लाने में मदद करती है. पौधों में इसको डालने से पहले आप इसके सबसे पहले पानी में तीन से चार दिन तक भिगोकर छोड़ दें, अब उस पानी को पपीते के पौधे में डालें.
आप वर्मी कम्पोस्ट का भी उपयोग कर सकते हैं, इसको केंचुओं से तैयार किया जाता है. इसके उपयोग से पौधों को आसानी से नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटाश जैसे तत्व मिल जाते हैं, जिससे यह पौधा जल्दी फल देने लगता है. आप हर 2 महीने में पौधों में 1-2 किलो वर्मी कम्पोस्ट डाल सकते हैं.
अपने पपीता के पौधे में आवश्यकता के अनुसार पर्याप्त मात्रा में नाइट्रोजन युक्त खाद का प्रयोग करें. आप पौधों के पत्ते पर एप्सम सॉल्ट के घोल का छिड़काव भी कर सकते हैं ताकि फलों को जमने में मदद मिल सके.
- व्हाट्स एप के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- टेलीग्राम के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- हमें फ़ेसबुक पर फॉलो करें।
- हमें ट्विटर पर फॉलो करें।
———-
🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।
Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||



