-7 मई 2026 से शुरू होगी मकान स्व-गणना, 20 जून तक पूरा होगा सूचीकरण कार्य
-लखनऊ से आई विशेषज्ञ टीम ने निगम अधिकारियों को दिया विस्तृत प्रशिक्षण
-शहरभर में जागरूकता के लिए बैनर, पोस्टर और सोशल मीडिया अभियान की तैयारी
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। भारत की जनगणना 2027 की तैयारियों को गति देने के उद्देश्य से नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने शनिवार को नगर निगम अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। इस बैठक में उन्होंने अपर प्रमुख जनगणना अधिकारी के रूप में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और जनगणना से संबंधित कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया। बैठक में अपर नगर आयुक्त जंग बहादुर यादव, नगर जनगणना अधिकारी तथा विभिन्न जोनल प्रभारी चार्ज अधिकारियों के रूप में उपस्थित रहे। बैठक के दौरान जनगणना निदेशालय लखनऊ से आई विशेषज्ञों की टीम ने नगर निगम अधिकारियों और कर्मचारियों को जनगणना 2027 से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रशिक्षण दिया। इस दौरान प्रथम चरण में प्रारंभ होने वाले मकान गणना कार्य से संबंधित विस्तृत प्रस्तुतीकरण भी दिया गया। नगर आयुक्त ने स्वास्थ्य विभाग के सफाई एवं खाद्य निरीक्षकों, निर्माण विभाग के अवर अभियंताओं, राजस्व निरीक्षकों तथा कर निरीक्षकों को आपसी समन्वय स्थापित करते हुए कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए।
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया कि जनगणना निदेशालय की विशेषज्ञ टीम ने जनगणना 2027 की प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी है। इस अवसर पर संयुक्त निदेशक अरविंद कुमार राय, उपनिदेशक अभिमन्यु सिंह तथा सहायक निदेशक अरुण सिंह ने अधिकारियों को प्रस्तुतीकरण के माध्यम से जनगणना की प्रक्रिया और कार्य प्रणाली से अवगत कराया। बैठक में बताया गया कि जनगणना के प्रथम चरण में मकानों की गणना की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। इसके लिए मकान सूचीकरण ब्लॉक का गठन किया जाएगा। इस कार्य के तहत 7 मई 2026 से मकानों की स्व-गणना की प्रक्रिया शुरू होगी, जो 21 मई तक चलेगी। इसके बाद 22 मई से 20 जून 2026 तक मकान सूचीकरण का कार्य पूरा कराया जाएगा। अधिकारियों को यह भी जानकारी दी गई कि नागरिक मकान सूचीकरण के लिए स्व-गणना की प्रक्रिया सीएमएमएस पोर्टल के माध्यम से भी कर सकते हैं।
इससे नागरिकों को जनगणना प्रक्रिया में सीधे भाग लेने का अवसर मिलेगा और आंकड़ों को एकत्र करने की प्रक्रिया भी अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनेगी। बैठक में यह भी बताया गया कि प्रभारी जनगणना का दायित्व उपमुख्य पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ. अनुज कुमार सिंह को सौंपा गया है। अपर नगर आयुक्त जंग बहादुर यादव ने बताया कि बैठक के दौरान जनगणना अधिनियम 1948 के अंतर्गत प्रगणकों की नियुक्ति, उनकी शक्तियों तथा दायित्वों से संबंधित प्रावधानों के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि जनगणना के सफल संचालन के लिए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने दायित्वों को पूरी गंभीरता के साथ निभाना होगा। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जनगणना 2027 के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए एक विस्तृत कार्य योजना तैयार की जाएगी। इसके तहत गाजियाबाद नगर निगम क्षेत्र में नागरिकों को जागरूक करने के लिए बैनर, पोस्टर, होर्डिंग तथा सोशल मीडिया के माध्यम से अभियान चलाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग इस प्रक्रिया में भागीदारी कर सकें।
बैठक के दौरान उपस्थित अधिकारियों को मकान सूचीकरण से संबंधित प्रशिक्षण भी दिया गया। जनगणना निदेशालय के संयुक्त निदेशक अरविंद कुमार राय ने अधिकारियों के विभिन्न प्रश्नों और शंकाओं का समाधान करते हुए मकान सूचीकरण की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि मकान सूचीकरण ब्लॉक के गठन और गणना की प्रक्रिया को व्यवस्थित रूप से संचालित करने के लिए समय-समय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। नगर निगम अधिकारियों ने इस बैठक को जनगणना 2027 की तैयारियों के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इस तरह की बैठकों से कार्यों को सुचारु रूप से संचालित करने में मदद मिलेगी। बैठक के अंत में सभी अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जनगणना से संबंधित तैयारियों को तेजी से पूरा करें, ताकि आगामी प्रक्रिया निर्धारित समय के भीतर सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।
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