Image Slider

आबकारी घोटाला मामले में सीबीआई के बाद अब प्रवर्तन निदेशालय भी ट्रायल कोर्ट द्वारा निर्णय में की गई कुछ टिप्पणियों को हटाने की मांग को लेकर लेकर दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया है। ईडी ने मांग की है कि 27 फरवरी के आदेश में उसके खिलाफ की गई टिप्पणियों को हटाने का निर्देश दिया जाए।

ईडी ने अपनी अर्जी में कहा है कि ट्रायल कोर्ट द्वारा की गई टिप्पणियां बहुत ज्यादा और बेवजह की गई हैं। यह भी तर्क दिया है कि अदालत ने अंदाजे के आधार पर बिना उसका पक्ष सुने पीठ पीछे से तल्ख टिप्पणियां की हैं। ईडी की अर्जी पर मंगलवार को न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा की पीठ सुनवाई करेगी।

बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दिल्ली हाईकोर्ट से अपील की है कि वह उसकी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के बारे में ट्रायल कोर्ट की ओर से की गई टिप्पणियों को हटा दे। ट्रायल कोर्ट ने ये टिप्पणियां हाल ही में सीबीआई के आबकारी नीति मामले में पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल समेत 23 अन्य को आरोपमुक्त करते हुए की थीं।

ईडी ने अपनी याचिका में कहा कि 27 फरवरी का ट्रायल कोर्ट का आदेश साफ तौर पर न्यायिक दखलंदाजी का मामला है, क्योंकि कोर्ट ने उसके खिलाफ सख्त टिप्पणी करने से पहले न तो एजेंसी के सबूतों की जांच की और न ही उसके पक्ष को सुना। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) का आरोपपत्र आम आदमी पार्टी की सरकार की 2021 की दिल्ली आबकारी नीति में कथित गड़बड़ियों से जुड़ी है। सीबीआई और इंडी ने इस मामले की अलग-अलग जांच की। विशेष जज जितेंद्र सिंह की कोर्ट ने पीएमएलए और ईडी की जांच के बारे में कई सख्त बातें कही थीं।

———-

🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।

 

Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||