Image Slider

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) की अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) इकाई ने सीपीओ मैनुअल से लेकर छात्रों पर अवैध जुर्माने लगाने सहित निष्कासित करने के विरोध में मुख्य प्रॉक्टर का घेराव किया। करीब छह घंटे तक स्कूल ऑफ एनवायरमेंट स्टडीज के बाहर एबीवीपी से जुड़े छात्रों ने उनसे विभिन्न मुद्दों को लेकर सवाल किए।

एबीवीपी के अनुसार प्रशासनिक दमनकारी नीति और निष्कासन राज के विरुद्ध प्रदर्शन कर विरोध जताया। वर्तमान मुख्य प्रॉक्टर का कार्यकाल जेएनयू के इतिहास में सबसे अधिक दमनकारी रहा है। इन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए राष्ट्रवादी छात्रों के करियर को बर्बाद करने के लिए निष्कासन और भारी आर्थिक दंड का सहारा लिया।

जर्जर हॉस्टल और मेस की समस्याओं पर प्रशासन मौन रहता है। जबकि छात्र-हितों की बात करने वाले कार्यकर्ताओं पर लाखों का जुर्माना लगाकर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है। यह प्रशासन और वामपंथी छात्र संघ का पुराना गठजोड़ है।

एबीवीपी जेएनयू इकाई अध्यक्ष मयंक पांचाल ने कहा कि यह विरोध केवल एक शुरुआत है। मुख्य प्रॉक्टर ने अपने कार्यकाल को दमन का केंद्र बना दिया है। पांच लाख का जुर्माना और हमारे साथियों का निष्कासन प्रशासन के डर का प्रतीक है। हम सीपीओ मैनुअल को कूड़ेदान में फेंकने और छात्रों को न्याय दिलाने तक चीफ प्रॉक्टर कार्यालय से पीछे नहीं हटेंगे।

प्रशासन को अपनी तानाशाही का हिसाब देना ही होगा। एबीवीपी जेएनयू मंत्री प्रवीण कुमार पीयूष ने कहा कि प्रशासन की पक्षपाती कार्य और वामपंथी जेएनयू छात्र संघ का दोहरा चरित्र आज सबके सामने बेनकाब हो चुका है।

जब हमारे कार्यकर्ताओं पर लाखों का जुर्माना लगा था। तब ये लोग प्रशासन के साथ साठगांठ कर रहे थे। हम निष्कासन और अवैध जुर्मानों के इन आदेशों को कभी स्वीकार नहीं करेंगे। मुख्य प्रॉक्टर को अपनी छात्र-विरोधी कार्यशैली के लिए माफी मांगनी होगी। सीपीओ मैनुअल को तत्काल रद्द करना होगा।

———-

🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।

 

Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||