IB, SSB और ITBP के रोल तय
सूत्रों के अनुसार बैठक में खुफिया इनपुट को जमीनी कार्रवाई से जोड़ने की नई कार्यप्रणाली पर चर्चा हुई. इंटेलिजेंस ब्यूरो यानी IB को सीमांचल में संदिग्ध नेटवर्क और जनसांख्यिकीय बदलाव से जुड़ी सूचनाओं का विश्लेषण कर राज्य एजेंसियों के साथ साझा करने की जिम्मेदारी दी गई है. नेपाल सीमा की निगरानी में तैनात सशस्त्र सीमा बल (Sashastra Seema Bal) यानी एसएसबी (SSB) की भूमिका को और सक्रिय करने पर सहमति बनी. सीमा चौकियों को टेक्नोलॉजी आधारित सर्विलांस से जोड़ने और पेट्रोलिंग पैटर्न में बदलाव का खाका तैयार किया गया. वहीं, संवेदनशील इलाकों में इंडो तिब्बतन बॉर्डर पुलिस (Indo Tibetan Border Police) की तकनीकी और ऑपरेशनल सहायता लेने की रणनीति भी बनी. सीमाई सड़क नेटवर्क को बेहतर करने पर भी जोर दिया गया ताकि सुरक्षा बलों की त्वरित तैनाती संभव हो सके.
सूत्रों के अनुसार, इस बैठक के कुछ फैसले किए गए हैं जिसके मुख्य प्वाइंट आगे हैं-
सीमा सुरक्षा और लैंड पोर्ट अथॉरिटी: बैठक में लैंड पोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (LPAI) के कामकाज की समीक्षा की गई. अमित शाह ने रक्सौल जैसे महत्वपूर्ण लैंड पोर्ट्स पर बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने के निर्देश दिए.
घुसपैठ और डेमोग्राफिक बदलाव: गृह मंत्री ने सीमांचल क्षेत्र में हो रहे कथित जनसांख्यिकीय (डेमोग्राफिक) बदलाव और अवैध घुसपैठ पर चिंता जताई. अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे डेटा-आधारित विश्लेषण करें और घुसपैठ रोकने के लिए सख्त निगरानी रखें.
आर्मी बेस कैंप का मुद्दा: किशनगंज के कोचाधामन, बहादुरगंज और नटुआपारा में प्रस्तावित सेना के बेस कैंप को लेकर चर्चा हुई. स्थानीय स्तर पर जमीन अधिग्रहण को लेकर हो रहे विरोध पर भी फीडबैक लिया गया.
चिकन नेक कॉरिडोर: सामरिक रूप से महत्वपूर्ण ‘चिकन नेक’ इलाके की सुरक्षा के लिए विशेष रणनीति बनाने और इंटेलिजेंस नेटवर्क को मजबूत करने के निर्देश दिए गए.
नशीले पदार्थों और जाली नोटों पर लगाम: भारत-नेपाल सीमा पर मादक पदार्थों की तस्करी और नकली मुद्रा के प्रसार को रोकने के लिए SSB, BSF और स्थानीय पुलिस के बीच बेहतर समन्वय बनाने पर जोर दिया गया.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार दौरे के पहले दिन बुधवार को केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय, बिहार के होम मिनिस्टर सम्राट चौधरी, यूनियन होम सेक्रेटरी और सीनियर अधिकारियों के साथ लैंड पोर्ट अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (LPAI) की एक रिव्यू मीटिंग की अध्यक्षता की.
अवैध आर्थिक गतिविधियों पर नकेल
इसके साथ ही बैठक में सीमा पार से होने वाली ड्रग्स, सोना और अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं की तस्करी को लेकर भी गंभीर चर्चा हुई. अधिकारियों ने माना कि खुली और लंबी सीमा का फायदा उठाकर संगठित गिरोह सक्रिय हैं. इन गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए मल्टी एजेंसी कोआर्डिनेशन मॉडल पर काम करने का निर्णय लिया गया. फाइनांसियल ट्रैकिंग, स्थानीय पुलिस की भागीदारी और केंद्रीय एजेंसियों के साझा ऑपरेशन की योजना बनाई गई.
अररिया में नई सीमा चौकी और जिला समीक्षा
केंद्रीय गृहमंत्री अगले दो दिन सीमांचल के अररिया और पूर्णिया जिले में बिताएंगे वे गुरुवार की सुबह 11 बजे अररिया जिला स्थित सीमा सुरक्षा बल (एसएसबी) की नवनिर्मित सीमा चौकी ‘लेटी’ के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होंगे. गृह मंत्री के कार्यक्रम में अररिया जिले में नई सीमा चौकी के उद्घाटन को भी अहम माना जा रहा है. इससे नेपाल सीमा पर निगरानी मजबूत होगी. इसके बाद सीमावर्ती जिलों के डीएम और एसपी के साथ समीक्षा बैठक प्रस्तावित है, जिसमें जमीनी चुनौतियों और संसाधनों की कमी पर चर्चा होगी.
विकास और सुरक्षा साथ-साथ
बैठक में केंद्र प्रायोजित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम (Vibrant Village Programme) की समीक्षा भी एजेंडे में शामिल रहेगी. उद्देश्य यह है कि सीमावर्ती गांवों में आधारभूत ढांचा मजबूत कर स्थानीय लोगों को विकास से जोड़ा जाए, ताकि अवैध नेटवर्क को सामाजिक आधार न मिल सके. कुल मिलाकर किशनगंज की यह दो घंटे की बैठक सीमांचल में सुरक्षा ढांचे के पुनर्संयोजन की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है. अब निगाह इस बात पर है कि तय की गई रणनीति जमीन पर कितनी तेजी से लागू होती है.
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