साउथ कोरिया की छुट्टियां भारतीय इन्फ्लुएंसर सचिन अवस्थी के लिए बेहद दर्दनाक अनुभव वाली रहीं. उन्होंने दावा किया है कि जेजू आइलैंड पहुंचने के बाद उन्हें और उनकी पत्नी को अपराधियों की तरह हिरासत में रखा गया. एंट्री देने से भी मना कर दिया गया. तकरीबन 38 घंटे तक वह कम रोशनी वाली जगह पर हिरासत में रखे गए. उन्होंने कहा कि उन्हें वापस लौटने पर मजबूर कर दिया गया.
सचिन का छलका दर्द
नई दिल्ली. भारतीय डिजिटल क्रिएटर सचिन अवस्थी इन दिनों सुर्खियों में हैं. उन्होंने अपनी हालिया विदेश यात्रा के दौरान हुए बुरे अनुभव को शेयर करते हुए बताया है कि वहां उनके साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया गया. उन्होंने अपने साथ हुई बदसलूकी को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. उनका कहना है कि साउथ कोरिया पहुंचते ही उन्हें और उनकी पत्नी दीपशिखा मिश्रा की एंट्री भी रोक दी गई थी.
सचिन का कहना है कि वह वेकेशन के लिए जेजू आइलैंड गए थे. वह अपने इस ट्रिप को लेकर काफी समय से एक्साइटेड थे, लेकिन एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन के दौरान सब कुछ बदल गया. उनका कहना है कि वहां उनकी एंट्री रोक दी गई, वो बिना किसी वजह. न ही उन्हें क्लीयर किया गया कि आखिर वजह क्या है, जिसके वजह से उनके साथ इस तरह का बिहेव किया गया.
शेयर किया ट्रिप का खतरनाक एक्सपीरियंस
इंफ्लूयेंसर सचिन सचिन अवस्थी ने दावा किया है कि उन्हें एंट्री के वक्त एक ऐसे होल्डिंग एरिया में बैठा दिया गया, जहां ठीक से रोशनी भी नहीं थी.उनका कहना है कि एक बंद कमरे की जैसी जगह में उन्हें बैठाया गया, जहां वह किसी से कोई कॉन्टेक्ट नहीं कर पा रहे थे. तकरीबन 38 घंटे तक उन्हें हिरासत में रखा गया.इस एक्सपीरियंस ने उन्हें बहुत टॉर्चर किया.उन्हें अपना फोन तक यूज करने नहीं दिया और खाने-पीने की सुविधाएं भी सीमित थीं. सोने के लिए तो बहुत ही खराब जगह थी, उनके साथ अपराधियों जैसा बर्ताव किया गया.
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