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होमताजा खबरदेशबंगाल में मंद‍िर का नाम क्‍यों बदला? ओड‍िशा के मुख्‍यमंत्री ने की थी श‍िकायत

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ओड‍िशा की बीजेपी सरकार एक मंद‍िर का नाम बदलवाने पर अड़ गई और आख‍िरकार बंगाल की सुवेंदु सरकार को फैसला लेना ही पड़ा. ममता सरकार में बने मंद‍िर का नाम आनन फानन में बदल द‍िया गया.

बंगाल में मंद‍िर का नाम क्‍यों बदला? ओड‍िशा के मुख्‍यमंत्री ने की थी श‍िकायतZoom

बंगाल के दीघा में बना जगन्‍नाथ मंद‍िर.

स्‍टेशनों, कॉलोन‍ियों का नाम बदलते तो आपने सुना होगा, लेकिन अब मंद‍िर का नाम बदला गया है. जी हां, ममता बनर्जी जब बंगाल की सीएम थीं, तो उन्‍होंने एक मंद‍िर बनवाया, और नाम रख द‍िया ‘जगन्‍नाथ धाम’, ओड‍िशा के सीएम ने इस पर आपत्‍त‍ि जताई. उन्‍होंने कहा क‍ि धाम तो स‍िर्फ चार हैं और जगन्‍नाथ धाम ओड‍िशा में है. इसल‍िए यह नाम ठीक नहीं. तब तो ममता नहीं मानीं और उन्‍होंने बीजेपी की आप‍त्‍त‍ियों को स‍िरे से खार‍िज कर द‍िया. लेकिन जैसे ही बंगाल में बीजेपी की सरकार बनी, ओड‍िशा की सरकार फ‍िर हरकत में आई. इस बार बकायदा पुरी ने बीजेपी सांसद संबित पात्रा सीएम का पत्र लेकर खुद सुवेंदु अध‍िकारी के पास पहुंच गए. और आख‍िरकार ‘जगन्‍नाथ धाम’ से धाम शब्‍द हटाकर ‘जगन्‍नाथ मंद‍िर’ कर द‍िया गया.

भाजपा सांसद संबित पात्रा ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से अपनी मुलाकात पर कहा, अप्रैल 2025 में तत्कालीन बंगाल सरकार ने दीघा में जो जगन्नाथ मंदिर की स्थापना की थी, उसे जगन्नाथ धाम का नाम दिया था. हमें जगन्नाथ मंदिर के प्रचार-प्रसार में कोई आपत्ति नहीं है. हर जगह जगन्नाथ मंदिर खुलना चाहिए क्योंकि प्रभु के भक्त हर जगह हैं लेकिन धाम केवल चार ही हैं. उस समय हमारे मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और हम सभी ने इस बात की आलोचना की थी कि ‘धाम’ नाम नहीं होना चाहिए… आज मैं एक दूत बनकर, मुख्यमंत्री की चिट्ठी को लेकर बंगाल आया और मैंने ये चिट्ठी बंगाल के मुख्यमंत्री को सौंपी. उसके बाद आज निर्णय हुआ कि ‘धाम’ शब्द हटा दिया जाएगा और यह केवल जगन्नाथ मंदिर होगा…

जगन्‍नाथ धाम चार धामों में से एक

ओडिशा में स्थित जगन्‍नाथ मंद‍िर को हिंदू धर्म के चार प्रमुख धामों में से एक माना जाता है. सनातन परंपरा में बद्रीनाथ, द्वारका, रामेश्वरम और पुरी को ही चार धाम का दर्जा प्राप्त है. इसी वजह से ओडिशा के धार्मिक संगठनों, संतों और राजनीतिक दलों ने आपत्ति जताई कि दीघा के मंदिर को जगन्नाथ धाम कहना धार्मिक परंपरा के खिलाफ है और इससे भ्रम पैदा हो सकता है. उस समय ओडिशा के मुख्यमंत्री ने भी सार्वजनिक रूप से इस मुद्दे पर चिंता जताई थी. ओडिशा सरकार का तर्क था कि किसी नए मंदिर को धाम कहना उचित नहीं है, क्योंकि श्री जगन्नाथ धाम की पहचान सदियों से पुरी से जुड़ी हुई है. राज्य सरकार ने इस संबंध में पश्चिम बंगाल सरकार तक अपनी आपत्ति पहुंचाई थी.

सांस्‍कृ‍त‍िक पहचान से जुड़ा मामला

यह विवाद सिर्फ नाम का नहीं था, बल्कि धार्मिक परंपरा और सांस्कृतिक पहचान से भी जुड़ा हुआ था. ओडिशा में बड़ी संख्या में लोग मानते हैं कि श्री जगन्नाथ धाम की पहचान पुरी से अलग नहीं की जा सकती. ऐसे में दीघा मंदिर से धाम शब्द हटाने के फैसले को ओडिशा सरकार और जगन्नाथ भक्तों की बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है. वहीं, इससे दोनों राज्यों के बीच लंबे समय से चल रहे एक संवेदनशील विवाद के शांत होने की भी उम्मीद बढ़ गई है.

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Gyanendra Mishra

Mr. Gyanendra Kumar Mishra is associated with hindi.news18.com. working on home page. He has 20 yrs of rich experience in journalism. He Started his career with Amar Ujala then worked for ‘Hindustan Times Group…और पढ़ें

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