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Teamlease Report : जॉब्‍स पर नजर रखने वाली कंपनी टीमलीज ने अपनी हालिया रिपोर्ट में बताया है कि चालू वित्‍तवर्ष में वेतन वृद्धि दहाई अंकों से ज्‍यादा रहने की संभावना है. टीमलीज के अनुसार, छोटे शहरों में भी इस साल ज्‍यादा सैलरी इंक्रीमेंट देखने को मिल सकता है, जो पूरी तरह प्रदर्शन पर आधारित होगा.

 2026 में कितना होगा इंक्रीमेंट, अलग-अलग सेक्‍टर की कंपनियों ने बताया  प्‍लान Zoom

साल 2026 में 10 फीसदी से ज्‍यादा वेतन वृद्धि की संभावना है.

नई दिल्‍ली. होर्मुज संकट और ईरान युद्ध से भले ही कॉरपोरेट सेक्‍टर पर अभी दबाव दिख रहा है, लेकिन चालू वित्‍तवर्ष में सैलरी इंक्रीमेंट को लेकर आंकड़े बेहतर रहने वाले हैं. टीमलीज सर्विसेज की हालिया रिपोर्ट में साफ दिख रहा है कि चालू वित्‍तवर्ष में प्राइवेट कंपनियों के कर्मचारियों का वेतन 10 फीसदी से भी ज्‍यादा बढ़ने वाला है. इस सर्वे में अलग-अलग सेक्‍टर की कई कंपनियां शामिल रहीं और इनमें से ज्‍यादातर ने 2026-27 में ज्‍यादा इक्रीमेंट कराने की संभावना जताई है.

टीमलीज सर्विसेज की रोजगार एवं वेतन परिदृश्य पर जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि चालूवित्त वर्ष में कंपनियों में कार्यरत कर्मचारियों के वेतन में 8.6 फीसदी से 10.2 फीसदी तक की बढ़ोतरी की संभावना है. कुशल एवं बेहतर काम करने वाले कर्मचारियों की लगातार बढ़ती मांग के कारण यह वृद्धि देखने को मिल रही है. टीमलीज ने साफ कहा है कि कंपनियों को ज्‍यादा कुशल कर्मचारियों की जरूरत है और ऐसे कर्मचारियों की वेतन बढ़ोतरी भी ज्‍यादा रहेगी.

किन सेक्‍टर में सबसे ज्‍यादा बढ़ोतरी
टीमलीज का कहना है कि वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान औसत वेतन वृद्धि 8.6 फीसदी से 10.2 फीसदी के दायरे में रह सकती है. इसमें इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी), ईवी अवसंरचना, वित्तीय-प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य सेवा और मेडिकल जैसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों की प्रमुख भूमिका रहने वाली है. रिपोर्ट कहती है कि ईवी और उससे जुड़े क्षेत्र में 9.6 फीसदी से 10.2 फीसदी तक वेतन वृद्धि देखने को मिल सकती है. इसमें इलेक्ट्रिकल इंजीनियर, गुणवत्ता नियंत्रण निरीक्षक और साइट इंजीनियर जैसी भूमिकाओं में सबसे अधिक वृद्धि होने का अनुमान है.

अब प्रदर्शन पर निर्भर करता है इंक्रीमेंट
टीमलीज सर्विसेज के वरिष्ठ उपाध्यक्ष बालासुब्रमण्यम ए ने कहा कि भारत का वेतन ढांचा पहले की तुलना में अधिक विविध और प्रदर्शन-आधारित होता जा रहा है. अब वेतन बढ़ोतरी के रुझान अलग-अलग क्षेत्रों की वृद्धि और विशेष कौशल पर निर्भर कर रहे हैं. वेतन वृद्धि अब केवल बड़े मेट्रो शहरों तक सीमित नहीं रह गई है. छोटे और उभरते शहर भी अपनी स्थिति को लगातार मजबूत कर रहे हैं.

ऑटो और बीमा सेक्‍टर का भी बेहतर प्रदर्शन
रिपोर्ट के मुताबिक, वाहन-बीमा और बीपीओ जैसे क्षेत्रों में इस साल वेतन वृद्धि 8.9 फीसदी से 9.5 फीसदी के बीच रह सकती है. वहीं बैंकिंग, निर्माण एवं रियल एस्टेट, दूरसंचार और कपड़ा जैसे क्षेत्रों में वेतन वृद्धि 8.6 फीसदी से 8.8 फीसदी के बीच रहने का अनुमान है. रिपोर्ट कहती है कि विभिन्न कार्य क्षेत्रों में वेतन वृद्धि का सबसे अधिक असर बिक्री एवं विपणन, इंजीनियरिंग और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्रों में देखा जा रहा है.

किस शहर में दिखेगा ज्‍यादा असर
रिपोर्ट यह भी बताती है कि किन शहरों में इस बार ज्‍यादा इंक्रीमेंट होने की संभावना है. शहरों के स्तर पर चेन्नई, पुणे, हैदराबाद और अहमदाबाद वेतन वृद्धि के मामले में आगे रह सकते हैं. इनके अलावा विशाखापट्टनम और नागपुर जैसे उभरते शहरों में भी अच्छी वृद्धि देखे जाने की संभावना है. इसके उलट सूरत, चंडीगढ़ और लखनऊ जैसे शहरों में पिछले वर्ष की तुलना में वेतन वृद्धि की दर में थोड़ी गिरावट देखी जा रही है. मेट्रो शहरों का हाल पहले की तहर टीयर-2 के मुकाबले बेहतर रहने की संभावना है.

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Pramod Kumar Tiwari

प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें

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