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Kushinagar News: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में एक खेत की सफाई के दौरान चांदी के प्राचीन सिक्कों का खजाना मिला है. मिट्टी के नीचे दबे करीब 330 चांदी के सिक्कों को देखने के लिए ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और उनमें सिक्के बटोरने की होड़ लग गई, जिस पर अरबी और उर्दू लिपि में कुछ लिखा हुआ है. सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने सिक्कों को अपने कब्जे में ले लिया है. ऐतिहासिक और भगवान बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली होने के कारण कुशीनगर में अक्सर ऐसे पुरातात्विक अवशेष मिलते रहते हैं.

खेत में हो रही थी खुदाई, अचानक से आई खनखन की आवाज, झांककर देखा तो निकला खजानाZoom

कुशीनगर में खेत की खुदाई के दौरान चांदी के सिक्के मिले है. (इमेज-AI)

कुशीनगरः उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में एक खेत से बड़ी संख्या में प्राचीन चांदी के सिक्के मिले हैं. बताया जा रहा है कि खेत की सफाई के दौरान ग्रामीणों को मिट्टी के नीचे दबे करीब 330 चांदी के सिक्के मिले. सिक्कों पर अरबी और उर्दू लिपि अंकित है, जिससे इनके ऐतिहासिक महत्व को लेकर चर्चा तेज हो गई है. सिक्कों की खबर फैलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और उन्हें हासिल करने की होड़ भी मच गई. सूचना मिलने पर तरयासुजान थाना पुलिस मौके पर पहुंची और कार्रवाई करते हुए राधेश्याम वर्मा के घर से सिक्के बरामद कर लिए. यह पूरा मामला तरयासुजान थाना क्षेत्र के गोपालपुर ओझवलिया गांव का है. गौरतलब है कि कुशीनगर में अक्सर इस तरह की ऐतिहासिक वस्तुएं बरामद होती रहती हैं.

इतिहास की परतों में छिपा है खजाना
दरअसल, कुशीनगर का इतिहास हजारों साल पुराना माना जाता है. यही कारण है कि यहां खुदाई के दौरान अक्सर प्राचीन सिक्के, मूर्तियां और अन्य पुरातात्विक अवशेष मिलते रहते हैं. बौद्ध धर्म के प्रमुख केंद्र के रूप में प्रसिद्ध इस स्थान को भगवान बुद्ध के महापरिनिर्वाण स्थल के रूप में भी जाना जाता है. प्राचीन काल में यहां कई मठ, स्तूप, मंदिर और आबाद बस्तियां थीं, जिनके अवशेष समय के साथ मिट्टी की परतों के नीचे दब गए. जो खुदाई के दौरान अक्सर मिलते रहते हैं.

कुशीनगर में अक्सर खुदाई में क्यों मिलते हैं प्राचीन अवशेष?
इतिहासकारों के अनुसार कुशीनगर प्राचीन धार्मिक और व्यापारिक गतिविधियों का भी महत्वपूर्ण केंद्र भी रहा है. अलग-अलग काल में यहां कई राजवंशों का प्रभाव रहा, जिससे विभिन्न प्रकार के सिक्के और कलाकृतियां इस क्षेत्र में पहुंचीं. प्रकृति में बदलाव, बाढ़ और नई बस्तियों के बसने के कारण ये वस्तुएं जमीन के ही अंदर सुरक्षित रह गईं. यही वजह है कि खेती, निर्माण कार्य या पुरातात्विक खुदाई के दौरान यहां अक्सर इतिहास से जुड़ी चीजें मिलती रहती हैं.

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Seema Nathसीमा नाथ 6 साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत शाह टाइम्स में रिपोर्टिंग के साथ की जिसके बाद कुछ समय उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम …और पढ़ें

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