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तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर जारी बगावत पर पार्टी सांसद और वरिष्ठ नेता कल्याण बनर्जी ने बागी तेवर दिखा रहे सांसदों पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि यदि किसी सांसद ने पार्टी छोड़ने का फैसला कर लिया है तो उसे केवल पार्टी से ही नहीं, बल्कि सांसद पद से भी इस्तीफा देना चाहिए. कल्याण बनर्जी ने कहा कि राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा देने वाले सुखेंदु शेखर रॉय ने कम से कम राजनीतिक नैतिकता का परिचय दिया, लेकिन जो सांसद पार्टी के खिलाफ जाकर दूसरे दलों के नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं, उन्हें भी नैतिक आधार पर अपना पद छोड़ देना चाहिए.

वहीं प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद कीर्ति आजाद ने कहा, ‘जो लोग तृणमूल छोड़ना चाहते हैं, वे छोड़ दें, लेकिन तृणमूल का नाम न लें. यह पार्टी ममता बनर्जी के संघर्ष से खड़ी हुई है, विरासत में नहीं मिली है. याद रखिए, घायल शेरनी ज्यादा खतरनाक होती है. आने वाले समय में बंगाल और देश की राजनीति में इसका जवाब मिलेगा.’

दरअसल खबर है कि टीएमसी के नाराज़ सांसदों का एक बागी गुट आज लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात करने वाला है. सूत्रों के मुताबिक, टीएमसी सांसदों का ये बागी गुट लोकसभा में अभिषेक बनर्जी की जगह काकोली घोष को नेता के तौर पर मान्यता देने की मांग उठा सकता है. लोकसभा में टीएमसी की पूर्व चीफ व्हिप रहीं काकोली घोष ने दावा किया है कि उनके साथ करीब 20 सांसदों का समर्थन है. इन बागी टीएमसी सांसदों ने अलग खेमा बनाते हुए NDA में शामिल होने की इच्छा जताई है और इस संबंध में लोकसभा अध्यक्ष को 20 सांसदों के हस्ताक्षरों वाला पत्र भी भेजा है.

खबर है कि पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान भी इस बागी खेमे में शामिल हैं. हालांकि उनकी तरफ से इस बारे में कोई बयान नहीं आया है. ऐसे में अगर बागी गुट का दावा सही साबित होता है, तो ये ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी के लिए बड़ा झटका माना जाएगा. अब सबकी नजर लोकसभा अध्यक्ष के फैसले और पार्टी नेतृत्व की अगली रणनीति पर टिकी है.

TMC Crisis Live Updates: ‘केंद्र से भी जाएगी और बंगाल से भी जाएगी ये सरकार…’ टीएमसी के बागी सांसदों पर बरसे कीर्ति आजाद

टीएमसी के बागी सांसदों को आड़े हाथों लेते हुए कीर्ति आजाद ने कहा, ‘याद रखना भागना वाले भगोड़ों ये सरकार केंद्र से भी जाएगी और बंगाल से भी जाएगी. तीन तीन चुनाव हारने के बाद भी दीदी ने इनको सांसद बनाया. भूपेंद्र यादव के वहां जाकर चाय समोसा खा रहे हो. क्या तुम रजिस्टर्ड हो. तुम लोगों की पार्टी का प्रमुख कौन है.’

TMC Crisis Live Updates: ‘घायल शेरनी ज्यादा खतरनाक, जल्द मिलेगा जवाब…’ टीएमसी के बागी सांसदों से कीर्ति आजाद

वहीं प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद कीर्ति आजाद ने कहा, ‘ममता दीदी के आशीर्वाद और अभिषेक बनर्जी के मार्गदर्शन में हमारे 29 सांसद जीतकर आए थे. अगर किसी को पार्टी से शिकायत थी तो चुनाव के पहले बतानी चाहिए थी, बाद में नहीं. अगर आपके पास दो-तिहाई संख्या है तो बीजेपी में विलय कीजिए. भूपेंद्र यादव के घर जाकर बैठक करना और सुवेंदु अधिकारी के साथ बैठना साफ दिखाता है कि आप बीजेपी के साथ हैं.’

इसके साथ ही उन्होंने कहा, ‘काकोली घोष दस्तिदार और शर्मिला सरकार जैसे नेताओं के साथ आखिर क्या अन्याय हुआ? पार्टी ने उन्हें पहचान और पद दिया. सिर्फ चीफ व्हिप के पद से हटाए जाने पर इस तरह के आरोप लगाना उचित नहीं है. जो लोग तृणमूल छोड़ना चाहते हैं, वे छोड़ दें, लेकिन तृणमूल का नाम न लें. यह पार्टी ममता बनर्जी के संघर्ष से खड़ी हुई है, विरासत में नहीं मिली है. याद रखिए, घायल शेरनी ज्यादा खतरनाक होती है. आने वाले समय में बंगाल और देश की राजनीति में इसका जवाब मिलेगा.’

TMC Crisis Live Updates: ‘क्यों नहीं दिखा रहे 20 सासदों वाली चिट्ठी…’ बागी सांसदों के दावे पर कल्याण बनर्जी का सवाल

कल्याण बनर्जी ने उन दावों पर भी सवाल उठाए, जिनमें 20 सांसदों के हस्ताक्षर वाले पत्र की चर्चा की जा रही है. उन्होंने कहा, जिन सांसदों के हस्ताक्षर वाले पत्र की चर्चा हो रही है, वह अब तक सार्वजनिक नहीं किया गया है और 24 घंटे बाद भी उसकी प्रति सामने नहीं आई है. अगर सब कुछ पारदर्शी है तो पत्र को सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा रहा.

कुछ सांसदों की मुलाकात भाजपा नेता भूपेंद्र यादव के आवास पर हुई, जिससे यह स्पष्ट हो जाता है कि उनका राजनीतिक झुकाव भाजपा की ओर है. अगर पर्याप्त संख्या है तो दसवीं अनुसूची के तहत विलय का रास्ता अपनाया जा सकता है, लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा.

TMC Crisis Live Updates: ‘हिम्मत है तो सांसदी छोड़ दें…’ टीएमसी के बागी सांसदों पर कल्याण बनर्जी का हमला

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर जारी बगावत पर पार्टी सांसद और वरिष्ठ नेता कल्याण बनर्जी ने बागी तेवर दिखा रहे सांसदों पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि यदि किसी सांसद ने पार्टी छोड़ने का फैसला कर लिया है तो उसे केवल पार्टी से ही नहीं, बल्कि सांसद पद से भी इस्तीफा देना चाहिए. कल्याण बनर्जी ने कहा कि राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा देने वाले सुखेंदु शेखर रॉय ने कम से कम राजनीतिक नैतिकता का परिचय दिया, लेकिन जो सांसद पार्टी के खिलाफ जाकर दूसरे दलों के नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं, उन्हें भी नैतिक आधार पर अपना पद छोड़ देना चाहिए.

TMC Crisis Live Updates: मैंने कभी नहीं सोचा था… ममता बनर्जी को लेकर क्या बोली टीएमसी की बागी सांसद काकोली घोष

टीएमसी की बागी लोकसभा सांसद काकोली घोष ने कहा, ‘आगे क्या होगा, यह तो बाद में पता चलेगा. अभी के लिए, क्या यह काफी नहीं है कि हम बंगाल और देश के लिए काम करना चाहते हैं और भारत को सुरक्षित रखना चाहते हैं? यह एक अहम मुद्दा है. हमारे लिए देश का मुद्दा सबसे ऊपर है…’

जब उनसे पूछा गया कि क्या ममता बनर्जी ने संपर्क करने की कोशिश की, तो उन्होंने कहा, ‘उस तरफ से किसी ने संपर्क करने की कोशिश नहीं की. जब मैं ज़िला अध्यक्ष थी और चुनाव के नतीजे खराब रहे, तो मैंने व्यक्तिगत ज़िम्मेदारी ली. मुझे लगा कि शायद मैंने अपना काम ठीक से नहीं किया और मैंने पद छोड़ दिया. उसके बाद भी, न तो कोई मुझसे मिला और न ही किसी ने फ़ोन किया; मुझे बस किनारे कर दिया गया. ऐसा लगा जैसे किसी को मुझ पर भौंकने के लिए छोड़ दिया गया हो… मैं 40 साल से ममता बनर्जी के साथ हूं. मैंने कभी नहीं सोचा था कि मुझे ऐसा दिन भी देखना पड़ेगा जब वह किसी को मुझे गालियां देने के लिए कहेंगी…’

TMC Crisis Live Updates: ममता और अभिषेक बनर्जी के लिए बढ़ी चुनौती

अगर बागी गुट का दावा सही निकलता है और वास्तव में 20 सांसद टीएमसी नेतृत्व के खिलाफ खड़े हो जाते हैं, तो यह पार्टी के संसदीय दल में अब तक की सबसे बड़ी बगावत मानी जाएगी. इससे न केवल लोकसभा में पार्टी की ताकत प्रभावित होगी, बल्कि संगठन के भीतर भी नेतृत्व को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो सकते हैं.

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हाल के महीनों में टीएमसी के भीतर संगठनात्मक फैसलों, नेतृत्व शैली और अभिषेक बनर्जी की बढ़ती भूमिका को लेकर असंतोष की खबरें सामने आती रही हैं. ऐसे में काकोली घोष की अगुवाई में सामने आया यह गुट उस नाराज़गी को सार्वजनिक मंच पर ले आया है.

TMC Crisis Live Updates: टीएमसी की बगावत पर काकोली घोष का दावा

न्यूज़18 इंडिया से विशेष बातचीत में काकोली घोष ने कहा कि उनका उद्देश्य सत्ता या पद नहीं, बल्कि बंगाल के विकास और जनता के हितों के लिए काम करना है. उन्होंने दावा किया कि 20 सांसद उनके साथ हैं और सभी ने लोकसभा अध्यक्ष को भेजे गए पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं.

काकोली घोष ने कहा कि वे राज्य और केंद्र सरकार के बीच बेहतर समन्वय चाहते हैं ताकि पश्चिम बंगाल के विकास को गति मिल सके. उन्होंने यह भी कहा कि उनका मतभेद किसी व्यक्ति विशेष से नहीं, बल्कि उन नीतियों से है जिनके कारण जनता ने टीएमसी को चुनाव में झटका दिया.

TMC Crisis Live Updates: दिल्ली में बागी सांसदों की सीक्रेट मीटिंग, युसूफ पठान पर सबकी नजर

इससे पहले सोमवार रात दिल्ली में टीएमसी सांसद शताब्दी रॉ के आवास पर बागी सांसदों की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई. बैठक में बापी हलदार, अबू ताहिर खान, असित कुमार मल, खलीलुर रहमान और शर्मिला सरकार समेत कुल आठ सांसदों के मौजूद रहने की जानकारी सामने आई है.

इस बैठक की सबसे चर्चित बात यह रही कि सुवेंदु अधिकारी भी शताब्दी रॉय के घर पहुंचे. सूत्रों के अनुसार, एक ही दिन में दूसरी बार सुवेंदु अधिकारी ने बागी सांसदों से मुलाकात की. इससे यह अटकलें और तेज हो गई हैं कि टीएमसी के असंतुष्ट सांसद भाजपा और NDA के संपर्क में हैं. पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान के भी इस बागी गुट में शामिल होने की चर्चा है. हालांकि इसकी पुष्टि नहीं की जा सकी है.

TMC Crisis Live Updates: टीएमसी की बगावत पर आज लगेगी ओम बिरला की मुहर?

टीएमसी की वरिष्ठ सांसद काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व में एक बागी गुट आज लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात करने वाला है. सूत्रों के मुताबिक, यह गुट लोकसभा में अभिषेक बनर्जी की जगह काकोली घोष को नेता के रूप में मान्यता देने की मांग उठाने की तैयारी में है.

काकोली घोष ने दावा किया है कि उनके साथ टीएमसी के करीब 20 सांसदों का समर्थन है. इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी कहा है कि 20 सांसदों के हस्ताक्षर वाला एक पत्र लोकसभा अध्यक्ष को भेजा गया है, जिसमें अलग गुट के रूप में काम करने और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के साथ जाने की इच्छा व्यक्त की गई है. यदि यह दावा सही साबित होता है, तो यह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और टीएमसी नेतृत्व के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जाएगा.

TMC Crisis Live Updates: टीएमसी में बगावत पर पलटवार! कल्याण बनर्जी-कीर्ति आजाद आज करेंगे प्रेस कॉन्फ्रेंस

ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी के भीतर बगावत को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है. टीएमसी के कुछ बागी सांसदों के अलग गुट बनाने और एनडीए में शामिल होने की इच्छा जताए जाने के दावों के बीच ममता बनर्जी ने अब पलटवार की तैयारी कर ली है. इसी सिलसिले में मंगलवार सुबह 11 बजे टीएमसी की ओर से एक अहम प्रेस वार्ता आयोजित की जाएगी, जिसमें पार्टी सांसद कल्याण बनर्जी और कीर्ति आजाद मीडिया को संबोधित करेंगे.

माना जा रहा है कि इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी नेतृत्व बागी सांसदों के दावों पर अपना पक्ष रखेगा और कथित तौर पर 20 सांसदों के समर्थन तथा NDA में शामिल होने की अटकलों पर जवाब देगा. काकोली घोष के नेतृत्व वाले बागी खेमे के दावों के बाद टीएमसी की यह पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया होगी. ऐसे में राजनीतिक गलियारों की नजर इस प्रेस वार्ता पर टिकी हुई है, जहां पार्टी बागी नेताओं के खिलाफ अपना रुख स्पष्ट कर सकती है.

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