करोड़ों की संपत्ति पर कब्जे की मंशा
जांच में सामने आया है कि राम प्रसाद दास पिछले तीन वर्षों से प्रोफेसर देबोस्मिता के बर्धवान स्थित 1200 गज के विशाल मकान में किराये पर रह रहा था। इस मकान की कीमत करोड़ों रुपये बताई जाती है। प्रोफेसर देबोस्मिता ने कुछ समय पहले आरोपियों से प्रॉपर्टी खाली करने के लिए कहा था, जिसके बाद किरायेदार की नीयत खराब हो गई। बार-बार कहने के बावजूद जब आरोपियों ने मकान खाली नहीं किया, तो प्रोफेसर ने कानूनी कार्रवाई की धमकी दी। इसी बात से खफा होकर राम प्रसाद और बनश्री ने प्रोफेसर की हत्या की योजना बनाना शुरू कर दिया।
हत्या की योजना और दिल्ली में रेकी
हत्या की योजना को अंजाम देने के लिए, आरोपी राम प्रसाद ने अपनी पत्नी और बेटे के साथ पहले दो बार दिल्ली आकर प्रोफेसर देबोस्मिता के घर की रेकी की थी। इस दौरान उन्होंने घर की तस्वीरें भी खींचीं, ताकि वे वारदात को अंजाम देने के तरीके और वहां से निकलने के रास्तों की पूरी जानकारी जुटा सकें। अपनी योजना को अंतिम रूप देने के बाद, 1 जून को यह दंपती अपने 13 वर्षीय बेटे के साथ दिल्ली पहुंचा और 2 जून को दल्लूपुरा के एक गेस्ट हाउस में ठहरा।
हत्या के बाद चालाकी से फैलाव
वारदात को अंजाम देने के बाद, आरोपी ने पुलिस से बचने के लिए चालाकी भरी तरकीबें अपनाईं। हत्या के बाद, राम प्रसाद ने अपने कपड़े बदले और पत्नी बनश्री ने भी अपने कपड़े बदले। हालांकि, उन्होंने अपने बेटे के कपड़ों में कोई बदलाव नहीं किया। इसके बाद, वे लिफ्ट से नीचे उतरे और बाहर खड़ी कैब में सवार होकर आनंद विहार पहुंचे। वहां उन्होंने कैब चालक को पैसे दिए और फिर सड़क पार कर नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के लिए ऑटो लिया।
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