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MS Dhoni T20I Career: महेंद्र सिंह धोनी का टी20 इंटरनेशनल करियर 98 मैचों का रहा, लेकिन जानकार हैरानी हो सकती है कि वह इस फॉर्मेट में कभी प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड नहीं जीते. भारत को तीन आईसीसी ट्रॉफी दिलाने वाले दिग्गज कप्तान धोनी ने इंटरनेशनल क्रिकेट में 17000 से ज्यादा रन बनाए हैं.
महेंद्र सिंह धोनी ने टी20 इंटरनेशनल में कभी प्लेयर ऑफ द मैच नहीं जीता.
एमएस धोनी ने साल 2004 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा था और देखते ही देखते वह विश्व क्रिकेट के सबसे बड़े फिनिशर और विकेटकीपर बल्लेबाज बन गए. उन्होंने भारत के लिए कुल 538 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले, जिसमें उन्होंने 44.96 की शानदार औसत से 17266 रन बनाए. इस दौरान उन्होंने 16 शतक और 108 अर्धशतक भी जड़े. धोनी की कप्तानी में ही भारत ने साल 2007 में दक्षिण अफ्रीका में आयोजित पहला टी20 वर्ल्ड कप जीता था.
98 मैचों का रहा टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर
धोनी ने भारत के लिए 98 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले, जिसमें उन्होंने 37.60 की औसत और 126.13 के स्ट्राइक रेट से 1617 रन बनाए. एक फिनिशर के तौर पर उनका रिकॉर्ड बेमिसाल रहा, लेकिन इस छोटे फॉर्मेट में वह कभी भी एकलौते मैच विनर के रूप में ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ की ट्रॉफी नहीं उठा पाए.
क्यों कभी नहीं मिला अवॉर्ड?
टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में धोनी को कभी ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ न मिलने के पीछे कई बड़े कारण रहे हैं. धोनी अक्सर नंबर 5, 6 या 7 पर बल्लेबाजी करने आते थे. टी20 जैसे छोटे फॉर्मेट में निचले क्रम के बल्लेबाजों को अमूमन 10 से 15 गेंदें ही खेलने को मिलती हैं. ऐसे में भले ही धोनी ने कई मैच जिताऊ कैमियो (छोटी और तेज पारियां) खेले, लेकिन अवॉर्ड अक्सर ऊपरी क्रम के उन बल्लेबाजों को मिला, जिन्होंने बड़ी अर्धशतकीय या शतकीय पारियां खेलीं. धोनी हमेशा अपनी व्यक्तिगत उपलब्धियों से ऊपर टीम की जरूरत को रखते थे. कई मौकों पर उन्होंने खुद को पीछे धकेलकर युवाओं को आगे प्रमोट किया. यही वजह रही कि मैच जिताने के बाद भी लाइमलाइट अक्सर दूसरे खिलाड़ियों पर रही.
महेंद्र सिंह धोनी ने खेले 98 टी20 इंटरनेशनल मैच.
वनडे और टेस्ट में रहा है दबदबा
भले ही टी20 अंतरराष्ट्रीय में धोनी के हाथ यह अवॉर्ड न लगा हो, लेकिन खेल के बाकी दोनों फॉर्मेट में उनका सिक्का जमकर चला. धोनी ने अपने वनडे करियर में रिकॉर्ड 21 बार ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ का पुरस्कार जीता. इसके अलावा वह 2 बार ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ भी रहे. वहीं, टेस्ट क्रिकेट में भी उन्होंने 2 बार यह मुकाम हासिल किया. दिलचस्प बात यह है कि जहां अंतरराष्ट्रीय टी20 में धोनी इस अवॉर्ड से चूक गए, वहीं इंडियन प्रीमियर लीग में उनका रिकॉर्ड इसके बिल्कुल उलट है. चेन्नई सुपर किंग्स को अपनी कप्तानी में पांच बार चैंपियन बनाने वाले ‘थाला’ ने आईपीएल में कई बार अपनी कप्तानी और बल्लेबाजी के दम पर ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ का खिताब अपने नाम किया है.
अवॉर्ड से बड़ा है धोनी का कद
‘प्लेयर ऑफ द मैच’ न जीत पाना धोनी की महानता को रत्ती भर भी कम नहीं करता. क्रिकेट इतिहास उन्हें एक ऐसे लीडर के रूप में याद करता है जिसने व्यक्तिगत ट्रॉफियों के बजाय भारत की कैबिनेट को आईसीसी की चमचमाती ट्रॉफियों से भरना बेहतर समझा. फैंस के लिए वह आज भी टी20 क्रिकेट के सबसे बड़े ‘मैच विनर’ हैं.
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शिवम उपाध्याय उभरते हुए खेल पत्रकार हैं, जो नवंबर 2025 से देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान नेटवर्क 18 ग्रुप में बतौर सब एडिटर कार्यरत हैं. क्रिकेट विशेषज्ञता का मुख्य क्षेत्र है, लेकिन इसके अलावा हॉकी और बैडमिं…और पढ़ें
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