कान्स फिल्म फेस्टिवल 2026 में बॉलीवुड के दिवंगत एक्टर मैक मोहन पर डॉक्यूमेंट्री का ऐलान हुआ है. इस डॉक्यूमेंट्री का नाम ‘डिस्कवरिंग सांभा’ है. मैक मोहन ने बॉलीवुड को कई आइकॉनिक पल दिए हैं. ‘शोले’ में उनका सांभा का किरदार तो अमर हो गया.
‘डिस्कवरिंग सांभा’ में दिवंगत अभिनेता मैक मोहन की जर्नी को दिखाया जाएगा. मैक मोहन को ‘शोले’ के सांभा किरदार के लिए याद किया जाता है. कान्स में हुई घोषणा में बताया गया कि यह फिल्म भारतीय सिनेमा में उनके लंबे सफर को फिर से देखने के साथ-साथ उनके पर्दे के पीछे की निजी जिंदगी को भी सामने लाएगी. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम/फाइल फोटो)
डॉक्यूमेंट्री सिर्फ मैक मोहन की फिल्मों पर फोकस नहीं करेगी, बल्कि पहचान, यादें और विरासत को एक निजी नजरिए से दिखाएगी. इसमें पुरानी फुटेज के साथ परिवार के सदस्यों और करीबी लोगों की बातचीत भी शामिल होगी, जिससे मैक मोहन की जिंदगी और काम को कई परतों में दिखाया जाएगा. डॉक्यूमेंट्री की शूटिंग इसी साल शुरू होगी और अगले साल रिलीज की प्लानिंग है. यह प्रोजेक्ट भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सहयोग में बनेगा, जिसमें मैक मोहन की बेटियां कहानी को पर्दे पर लाने में अहम भूमिका निभाएंगी. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम/फाइल फोटो)
फिल्ममेकर मंजरी माकिजानी इस डॉक्यूमेंट्री का निर्देशन करेंगी. मंजरी ने ‘स्पिन’ और ‘स्केटर गर्ल’ जैसी फिल्में बनाई हैं और एमी के लिए नॉमिनेट हो चुकी हैं. वह मैक मोहन की बेटी हैं. वह इसे एशिया पैसिफिक पिक्चर्स के तहत इमैनुएल पापास के साथ को-प्रोड्यूस करेंगी. उनकी बहन विनती माकिजानी इसे मैक प्रोडक्शंस के बैनर तले प्रोड्यूस करेंगी, जिसे उनके दिवंगत पिता ने स्थापित किया था. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम/फाइल फोटो)
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क्रिएटिव टीम में फिल्म हेरिटेज फाउंडेशन के संस्थापक शिवेंद्र सिंह डुंगरपुर भी शामिल हैं, जो डॉक्यूमेंट्री के आर्काइव और ऐतिहासिक पहलुओं को सपोर्ट करने के लिए सलाहकार के तौर पर जुड़े हैं. इस प्रोजेक्ट के बारे में बात करते हुए मंजरी ने इसे बेहद निजी और भावनात्मक रूप से गहराई वाला बताया, और इसे फिर से खोजने की यात्रा कहा. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम/फाइल फोटो)
मंजरी माकिजानी ने कहा कि वह अपने पिता के बारे में उन लोगों की कहानियों से लगातार सीख रही हैं, जिन्होंने उनके साथ काम किया, और यह अनुभव काफी सोचने और जानने वाला रहा है. उन्होंने कहा, “एक बेटी के तौर पर मैं अपनी बहन के साथ उन यादों, खालीपन और भावनाओं को जोड़ रही हूं, जिन्होंने हमारी जिंदगी को आकार दिया और मेरी फिल्ममेकिंग यात्रा को प्रभावित किया.” (फोटो साभारः इंस्टाग्राम/फाइल फोटो)
मैक मोहन की भतीजी और एक्ट्रेस रवीना टंडन ने भी उनके पर्सनैलिटी पर बात की और उनकी ऑफ-स्क्रीन गर्मजोशी को याद किया. उन्होंने कहा कि मैक मोहन की मौजूदगी हर जगह को रौशन कर देती थी, और डॉक्यूमेंट्री से दर्शकों को उनका ज्यादा निजी पक्ष देखने को मिलेगा. उन्होंने कहा, “हालांकि उन्होंने पर्दे पर हमेशा विलेन का किरदार निभाया, लेकिन असल जिंदगी में वह सोने जैसे दिल वाले और सबसे गर्मजोशी से भरे इंसान थे.” (फोटो साभारः इंस्टाग्राम/फाइल फोटो)
मैक मोहन का असली नाम मोहन माकिजानी था, उनका जन्म 24 अप्रैल 1938 को कराची में हुआ था. वह मुंबई क्रिकेटर बनने का सपना लेकर आए थे, लेकिन थिएटर और फिल्मालय स्कूल ऑफ एक्टिंग में ट्रेनिंग के बाद उन्होंने अभिनय की राह पकड़ी. इंडस्ट्री में उनकी शुरुआत फिल्ममेकर चेतन आनंद के असिस्टेंट के तौर पर हुई, और 1964 की फिल्म ‘हकीकत’ से उन्होंने स्क्रीन डेब्यू किया. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम/फाइल फोटो)
मैक मोहन ने अपने करियर में 280 से ज्यादा फिल्मों में काम किया, जिनमें ‘डॉन’, ‘त्रिशूल’ और ‘सत्ते पे सत्ता’ जैसी चर्चित फिल्में शामिल हैं. उनकी आखिरी ऑन-स्क्रीन उपस्थिति ‘अतिथि तुम कब जाओगे’ (2010) में थी, जो उनकी मृत्यु से कुछ समय पहले रिलीज हुई थी. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम/फाइल फोटो)
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