उत्तर-पूर्वी दिल्ली के शास्त्री पार्क स्थित फर्नीचर मार्केट में शुक्रवार देर रात अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने लगभग पूरी मार्केट को अपनी चपेट में ले लिया और करीब 800 में से 700 दुकानें जल गईं। आग की लपटें देख हाहाकार मच गया। कारोबारी भागे-भागे मार्केट पहुंचे। आरोप है कि बार-बार कॉल करने के बाद भी दमकल की गाड़ियां नहीं पहुंची। करीब एक घंटे बाद जब दमकल की गाड़ियां आनी शुरू हुईं तो लोगों को गुस्सा फूट पड़ा।
गुस्साई भीड़ ने दमकल की गाड़ी पर पथराव कर दिया, जिससे उसके शीशे टूट गए। हालात बेकाबू होते देखकर मौके पर पुलिस बुलानी पड़ी। दमकल की 40 गाड़ियां लगभग पूरी रात आग पर काबू पाने में जुटी रहीं। तड़के किसी तरह आग पर काबू पाया गया। गनीमत यह रही कि हादसे में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ अलबत्ता करोड़ों रुपये का फर्नीचर जलकर खाक हो गया। स्थानीय कारोबारियों ने आरोप लगाया कि परेशान करने के लिए उनकी मार्केट में जानबूझकर किसी ने आग लगाई। ईद से पहले हुए हादसे ने हजारों परिवारों का रोजगार छीन लिया। शनिवार को क्राइम टीम के अलावा एफएसएल ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस ने आग लगने के संबंध में प्राथमिकी दर्ज की है। आग की वजहों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से मामले की छानबीन की जा रही है। कारोबारियों के बयान दर्ज हो रहे हैं।
डिप्टी फायर चीफ एके मलिक ने बताया कि शुक्रवार रात करीब 11.57 बजे कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि शास्त्री पार्क के फर्नीचर मार्केट में आग लग गई है। सूचना मिलते ही तुरंत आसपास के दमकल केंद्रों से दमकल की गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। मार्केट में चूंकि लगभग पूरा ही ज्वलनशील सामान था, इसकी वजह से आग तेजी से फैली। कुछ लोगों ने पथराव कर दमकल की एक गाड़ी के शीशे तोड़ दिए। बाद में मौके पर पहुंचे पुलिस बल ने लोगों को वहां से हटाया। सुबह तक आग बुझाने का काम जारी रहा।
एक घंटे बाद आई महज दो गाड़ियां, उनका भी पानी खत्म हो गया
शास्त्री पार्क फर्नीचर मार्केट में आग लगते ही वहां अफरा-तफरी मच गई। मार्केट में मौजूद लोगों ने अपना-अपना सामान निकालने की खूब कोशिश की। आरोप है कि करीब एक घंटे बाद दमकल की दो गाड़ियां वहां पहुंची। उनका भी चंद ही मिनटों में पानी खत्म हो गया। देखते ही देखते आग ने पूरी मार्केट को अपनी चपेट में ले लिया।
लोगों ने जानबूझकर आग लगाने के लगाए आरोप
शास्त्री पार्क के कारोबारियों का आरोप है कि किसी शरारती तत्व ने जानबूझकर आग लगाई है। इसके अलावा दमकल की गाड़ियां भी जानबूझकर देर पहुंची हैं। जब बचाव का काम शुरू हुआ, पूरा मार्केट जल गया। मार्केट के ज्यादातर कारोबारियों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि वह इस पूरे अग्निकांड की जांच करवाकर आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलवाए।
बड़ा सवाल : दो किलोमीटर के दायरे में चार दमकल केंद्र, फिर आने में क्यों हुई देर
शास्त्री पार्क की फर्नीचर मार्केट में जहां आग लगी, वहां से करीब दो किलोमीटर के दायरे में चार दमकल केंद्र मौजूद हैं, लेकिन बावजूद इसके दमकल की गाड़ियों को मौके पर पहुंचने में काफी समय लग गया। इससे लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना था कि नजदीक गांंधी नगर, गीता कालोनी, शास्त्री पार्क और शाहदरा का दमकल केंद्र है। वहीं दमकल के अधिकारियों का कहना है कि दमकल केंद्रों पर तीन से चार गाड़ियां ही एक समय में मौजूद रहती हैं। शुक्रवार को जब आग लगी तो इन दमकल केंद्रों की गाड़ियां आग की कॉल पर दूसरी जगह गई हुई थीं।
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